अमेरिका से बातचीत के लिए अब ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद भी पहुँच चुका है।
और फिर इस टीम का नेतृत्व कर रहे ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ये भी कहा है कि उन्हें अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक़, इस्लामाबाद पहुँचने पर ईरान के प्रतिनिधिमंडल के साथ आए ईरानी पत्रकारों से बात करते हुए ही ग़ालिबाफ़ ने कहा।
एक साल से भी कम समय में दो बार बातचीत के दौरान ही और हमारे नेक इरादों के बावजूद, हम पर हमला भी किया गया और कई युद्ध अपराध भी किए गए।
फिर आगे उन्होंने कहा, हमारी मंशा अच्छी है, लेकिन हमें अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
और फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोरसे जुड़ी हुई ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने तसनीम के मुताबिक़, ग़ालिबाफ़ ने ये भी कहा।
अगर अमेरिका एक सच्चे समझौते के लिए तैयार है और ईरानी लोगों के वैध अधिकारों को मान्यता भी देता है, तो ईरान भी समझौते के लिए पूरी तत्परता भी दिखाएगा।
फिर उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस वार्ता का इस्तेमाल सिर्फ़ शक्ति प्रदर्शन या धोखे की रणनीति के रूप में ही करना चाहता है।
तो ईरान अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए ही अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने के लिए भी तैयार है।
और फिर ग़ालिबाफ़ ने ईरान पर हुए हालिया हमलों के दौरान उनके देश की ओर से की गई रक्षात्मक और जवाबी कार्रवाई का भी जिक्र किया।
फिर आगे उन्होंने ये भी कहा, यह इस बात का सबूत है कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और अपनी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए ही पूरी तरह से तैयार और दृढ़ संकल्पित भी है।