मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में अब ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम जल्द ही लागू हो सकते हैं।
और केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक अब लाइसेंस की कलर कोडिंग पर भी विचार भी किया जा रहा है।
फिर कलर कोड से लाइसेंस की पहचान भी होगी। साथ ही फर्जी लाइसेंस के मामलों पर भी लगाम भी लगेगी।
और ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी नए नियमों को लेकर परिवहन मंत्रालय ने 30 दिनों के अंदर लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं, जिसके बाद इन्हें लागू भी किया जा सकता है।
फिर सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय नागरिकों के लिए नया केसरिया-पीला-हरा कॉम्बिनेशन वाला ड्राइविंग लाइसेंस भी होगा।
और वहीं, अगर कोई विदेशी यहां ड्राइव करता है तो नीला-हरा कॉम्बिनेशन वाला लाइसेंस भी दिया जाएगा।
फिर हर ड्राइवेंग लाइसेंस पर चलाने वाली की पहचान, राष्ट्रीयता, मोबाइल नंबर, इमरजेंसी कांटेक्ट नाम समेत कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दर्ज होंगी।
और इतना ही नहीं, लाइसेंस में ब्लड ग्रुप के साथ ऑर्गन डोनर स्टेटस भी लिखा होगा। फिर सबसे खास बात ये है।
कि अब ड्राइविंग लाइसेंस में किसी प्रकार की चिप भी नहीं होली, बल्कि इनमें क्यूआर कोड भी होंगे।
और जिन्हें पुलिस या ट्रैफिक अधिकारी स्कैन करके पूरी जानकारी हासिल भी कर लेंगे। हालांकि, इन बदलावों को लेकर फिलहाल कोई नोटिफिकेशन फिलहाल जारी भी नहीं हुआ है।
फिर साथ ही नए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पहले की तरह अब फर्जीवाड़े भी नहीं हो सकेंगे।
और पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोग नाम और उम्र के लिए एफिडेविट भी देते थे। और जिससे कई तरह के फर्जीवाड़े होते थे पर अब ऐसा भी नहीं होगा।
फिर पूर्व में हुए भारी दुरुपयोग के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए केवल पांच ऑरिजिनल सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स भी लगेंगे।
और जिसमें आधार, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड, सर्विस आईडी, पेंशन ऑर्डर या पैन कार्ड ही शामिल भी हो सकता है।
फिर इसके अलावा नए संभावित नियमों के मुताबिक अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए केवल दो फॉर्म भी होंगे।
और नया लाइसेंस बनवाने के लिए फॉर्म नंबर-2 और रिन्यू या डुप्लीकेट के लिए फॉर्म-2ए भी मिलेगा।
और इसके अलावा एड्रेस आदि में बदलाव ऑनलाइन भी किया जा सकेगा। फिर सबसे खास बात ये है कि ऑनलाइन एड्रेस अपडेट करने के बाद ही एप्लीकेशन RTO के पास भी पहुंचेगी।
और फिर आरटीओ को 15 दिन में अपडेट को लेकर फैसला भी देना होगा। और अगर आरटीओ की ओर से अगले 30 दिन तक जवाब भी नहीं आता है, तो आवेदन अपने आप अप्रूव भी मान लिया जाएगा।