उत्तर प्रदेश के भदोही पुलिस ने अब लड़कियों का अपहरण कर के उनसे सामूहिक बलात्कार करने के बाद फिर उन्हें बेच देने वाले अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह के फरार सदस्य को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया।
और फिर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने मंगलवार को ये भी बताया कि ज्ञानपुर थाने में एक महिला ने 15 अक्टूबर की दोपहर बाजार गई।
उसकी 16 साल की बेटी के वापस नहीं लौटने पर 22 अक्टूबर को अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया था।
इसके साथ ही त्यागी ने बताया कि विवेचना में सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से भदोही निवासी संतोष यादव, बिजनौर की रहने वाली ऊषा सिंह, मेरठ के निवासी आकाश गुप्ता और राजस्थान के रहने वाले रोहतास बावरिया के ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा भी हुआ।
और फिर जो महिलाओं या नाबालिग लड़कियों अपहरण कर उन्हें अलग-अलग जिलों में ले जाकर उनसे सामूहिक बलात्कार करते और फिर उन्हें बेच भी देते हैं।
फिर आगे उन्होने बताया कि मामले में चारों को 12 नवम्बर 2025 को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था और उन पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्यवाही भी की थी।
और फिर पुलिस अधीक्षक ने ये भी बताया कि जिले में बंद आकाश गुप्ता जमानत पर बाहर आने के बाद फरार भी हो गया था।
इसके बाद उन्होंने बताया कि आकाश ने अगवा की गयी नाबालिग लड़की को दो लाख रुपये में ऊषा सिंह से लेकर कई दिन तक उसे अपने पास रखा।
और वह खुद तथा धन लेकर हवस मिटाने के लिये अन्य लोगों को भी सौंप देता था। फिर त्यागी ने बताया कि आकाश नाबालिग पीड़िता को बेचने की फिराक में था।
तभी पुलिस ने उसे मुक्त भी करा लिया था। और फिर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आकाश को सोमवार को मेरठ से गिरफ्तार किया गया। और ट्रांजिट रिमांड पर मंगलवार भदोही लाकर जेल भी भेज दिया गया।