न्यूज़लिंक हिंदी। तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व सांसद और अभिनेत्री विजयशांति शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उपस्थिति में फिर से पार्टी में शामिल हो गई। विजयशांति भाजपा से इस्तीफा दे चुकी थीं। खरगे ने तिरंगा पटका भेंट कर उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्व सांसद वर्ष 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई थीं, लेकिन हाल के दिनों वह भाजपा के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थीं।

अभिनेत्री से राजनेता बनी विजयशांति ने वर्ष 2009 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और बीआरएस के टिकट पर मेडक लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। तब बीआरएस को तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के तौर पर जाना जाता था। इसके बाद मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मतभेदों के चलते वे कांग्रेस में शामिल हो गईं और लोकसभा चुनाव हार गईं थी।
15 साल बाद बीजेपी में हुई थी वापसी
दिसंबर 2020 में विजयशांति की 15 साल बाद बीजेपी में वापसी हुई थी। वह 1997 में बीजेपी में शामिल हुईं और पार्टी की महिला शाखा की महासचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2005 में बीजेपी छोड़ दी और तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा दिलाने के लिए एक अलग संगठन तल्ली तेलंगाना बनाया। बाद में उन्होंने तल्ली तेलंगाना का टीआरएस (अब बीआरएस) में विलय कर दिया और 2009 में मेदक निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनी गईं। अगस्त 2013 में, तेलंगाना राज्य के गठन से कुछ महीने पहले, टीआरएस ने विजयशांति को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निलंबित कर दिया था।
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2020 में बीजेपी में लौट आईं थीं विजयशांती
बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गईं और 2014 के चुनावों में मेदक विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ीं लेकिन असफल रहीं। चार साल तक शांत रहने के बाद, विजयशांति 2017 में फिर से कांग्रेस में सक्रिय हो गईं और उन्हें 2018 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए स्टार प्रचारक नामित किया गया। पार्टी की हार के बाद, वह पार्टी में सक्रिय नहीं थीं और 2020 में बीजेपी में लौट आईं थीं।

