रेसलिंग फेडरेशन को लेकर इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ( IOA ) का बड़ा फैसला, एड-हॉक कमेटी को किया भंग

पिछले साल भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव हुए थे, लेकिन केंद्रीय खेल मंत्रालय ने उसे सस्पेंड कर दिया था।

0
319

न्यूज़लिंक हिंदी। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने 18 मार्च को बड़ा फैसला लिया। उसने रेसलिंग के लिए बनाई गई एडहॉक कमेटी को भंग कर दिया है। पिछले साल भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव हुए थे, लेकिन केंद्रीय खेल मंत्रालय ने उसे सस्पेंड कर दिया था। उसके बाद आईओए ने रेसलिंग के काम को देखने के लिए एड-हॉक कमेटी का गठन किया था। अब उसे भी भंग कर दिया गया है।

IOA ने क्या कहा?
IOA ने अपने बयान में बताया कि 27 दिसंबर 2023 को एड-हॉक कमेटी बनाई गई थी। उसे अब तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। एड-हॉक कमेटी को भंग करने का निर्णय यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पर लगे प्रतिबंध को हटाने और आईओए द्वारा नियुक्त एड-हॉक कमेटी द्वारा सिलेक्शन ट्रायल के सफल समापन के बाद लिया गया है। अब एड-हॉक कमेटी के माध्यम से डब्ल्यूएफआई की गतिविधियों को चलाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

ये भी पढ़े :  PSL 2024 Winner: रोमांचक मुकाबले में इस्लामाबाद यूनाइटेड ने जीता खिताब, तीसरी बार PSL चैंपियन बनी टीम

ट्रायल्स के बाद कमेटी भंग
हालांकि, स्थिति तब बदली, जब युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने भारतीय फेडरेशन पर लगे अपने सस्पेंशन को हटाने का फैसला किया था। हालांकि, इस दौरान IOA ने एशियन ओलिंपिक क्वालिफायर्स के लिए नेशनल ट्रायल्स आयोजित करने का जिम्मा एड-हॉक कमेटी को ही दिया था। पिछले हफ्ते ही इस कमेटी ने ट्रायल्स का सफल आयोजन किया, जिसके बाद एड-हॉक कमेटी के बने रहने पर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में दिल्ली हाई कोर्ट ने कमेटी को भंग करने का आदेश दिया था, जिसके बाद IOA ने ये फैसला लिया। IOA ने साफ किया कि अब इस एडहॉक कमेटी की जरूरत नहीं है।

पहलवानों को अच्छी सुविधाएं देना लक्ष्य
IOA के इस फैसला का मतलब ये है कि देश में रेसलिंग का पूरा कंट्रोल अब फेडरेशन और उसके अधिकारियों के हाथों में आ गया है। इस फैसले के बाद WFI के नए अध्यक्ष संजय सिंह ने खुशी जताई और ओलंपिक संघ का शुक्रिया अदा किया। संजय सिंह ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य ओलंपिक के लिए पहलवानों को अच्छी से अच्छी सुविधा देना है और इसके लिए वो जल्द ही नेशनल कैंप भी आयोजित करवाएंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पहलवानों को ओलिंपिक की तैयारियों के लिए विदेश भी भेजा जाएगा। उन्होंने कम से कम 5-6 पहलवानों के ओलंपिक कोटा हासिल करने की उम्मीद जताई।

ये भी पढ़े : Election 2024: आज कांग्रेस कार्यसमिति की होगी बैठक, घोषणा पत्र को दिया जाएगा अंतिम रूप, उम्मीदवारों के नाम पर भी लगेगी मुहर

कर्ज को चुकाने का भी आदेश
इसके अलावा आईओए ने कहा कि डब्ल्यूएफआई को स्थापित प्रक्रियाओं और दिशानिर्देशों के अनुसार समयबद्ध तरीके से एथलीट आयोग के चुनाव कराने का भी निर्देश दिया गया है। डब्ल्यूएफआई की निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में एथलीट प्रतिनिधित्व और भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए यह कदम आवश्यक है। WFI को आईओए द्वारा WFI के संचालन के प्रबंधन के लिए एड-हॉक कमेटी को दिए गए कर्ज को चुकाने का भी आदेश दिया गया है। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के निर्देशानुसार भारतीय कुश्ती महासंघ को खेल का पूरा प्रशासनिक नियंत्रण मिलता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here