न्यूज़लिंक हिंदी। बिहार की सियासत से उस वक्त बड़ी हलचल मच गई जब सूत्रों के हवाले से खबर आई कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने जदयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले इस्तीफा दे दिया है। खबर यह भी आई कि ललन सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त किए जाने का आग्रह किया था। हालांकि, जदयू की ओर से ऐसी खबरों का अब खंडन कर दिया गया है। दूसरी ओर जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने भी ऐसी किसी खबर का खंडन किया है। हालांकि नीतीश कुमार ने उनसे लोकसभा चुनाव तक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने को कहा।
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खबर है कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पद छोड़ने पर अड़े हुए हैं। ऐसी स्थिति में ललन सिंह के इस्तीफा देने बाद सीएम खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं या फिर अपने किसी विश्वस्त को यह पद दे सकते हैं। राजनीतिक जानकार तो यह मानते हैं कि नीतीश कुमार ललन सिंह की जगह पर ऐसी चर्चाएं हैं कि अतिपिछड़ा जाति से रामनाथ ठाकुर या दलित समाज से अशोक चौधरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
गौरतलब हो कि कई दिनों से सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा थी कि नीतीश कुमार जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह से नाराज हैं। हालांकि इस पर पार्टी की ओर से किसी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा। ललन सिंह को लेकर जेडीयू के विधायक संजीव सिंह ने कहा था कि अध्यक्ष का हटना लगा रहता है। ये कोई मुद्दा नहीं है।
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ललन सिंह के दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। नीतीश कुमार ने 31 जुलाई 2021 को ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। 29 दिसंबर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होनी है। उसी दिन राष्ट्रीय परिषद की भी बैठक होगी। अब ललन सिंह के इस्तीफे की चर्चा से देखने वाली बात होगी कि आगे क्या होता है।

