न्यूज़लिंक हिंदी। लगता है पीलीभीत के बाघ अब इंसानों में रहना सीख गए हैं। दरअसल, पीलीभीत के कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव अटकौना में सोमवार रात करीब एक बजे किसान सुखविंदर सिंह के घर में बाघ घुस गया। टॉयलेट करने उठे बच्चे की दीवार पर बैठे बाघ पर नजर पड़ी तो वह चीख पड़ा। परिवार के लोग जाग गए। जैसे ही गांव वालों को सूचना मिली तो सैकड़ों गांव वाले बाघ को देखने के लिए इकट्ठा हो गए। दहशत के बावजूद कुछ लोग बाघ को देखकर खूब रोमांचित हुए। काफी देर बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाघ को रेस्क्यू किया।
पीलीभीत में यह बाघ जंगल से निकलकर भटकता हुआ गाँव में पहुंच गया, जहां इसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई.
जगलों को ऐसे ही काटा जाता रहेगा तो जंगली जीव हमारे बीच आएंगे ही.
pic.twitter.com/9cV14vaIZN— Priya singh (@priyarajputlive) December 26, 2023
ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर लोग एकत्र हो गए। करीब पांच बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद दीवार के चारों ओर जाल लगा दिया गया। मंगलवार सुबह होते ही आसपास गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। बाघ को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। बाघ बार-बार दहाड़ रहा था।
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किसानों ने बताया कि 12 घंटे बाद वन विभाग की टीम ट्रेंकुलाइज करने के बाद उसे पकड़ सकी। इस दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद रही। भीड़ को रोकने के लिए एसओ अचल कुमार फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। किसान का कहना था कि वन विभाग के आला अफसर सुबह 10 बजे तक मौके पर नहीं पहुंचे थे। इस पर ग्रामीणों ने रोष जताया। ग्रामीणों ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब बाघ आबादी के निकट आया है। इससे पहले भी कई बार बाघ गांव के नजदीक आ चुका है।
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