न्यूज़लिंक हिंदी। आम आदमी पार्टी कांग्रेस पार्टी के साथ चंडीगढ़ में मेयर का चुनाव लड़ने जा रही है। दिल्ली में आप सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 18 जनवरी को होने वाला चंडीगढ़ का मेयर चुनाव देश की राजनीति की दशा और ये दिशा बदलने वाला चुनाव है। आगे काह कि यह चुनाव 2024 के चुनाव की नींव रखेगा।
आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद राघव चड्ढा ने बताया कि इंडिया गठबंधन अपना पहला चुनाव लडने जा रहा है। पहला मैच खेलने जा रहा है। 18 जनवरी को होना वाला मेयर चुनाव कोई आम चुनाव नहीं है। ये राजनीति की तकदीर और तस्वीर बदलने वाला है। 2024 के लिए भाजपा बनाम इंडिया गठबंधन लड़ने जा रहा है।
#WATCH | Delhi | AAP MP Raghav Chadha says, "INDIA Alliance will fight the Chandigarh Mayor elections with all its strength and register a historic and decisive victory. Don't consider this an ordinary election. This will be an election where for the first time it will be INDIA… pic.twitter.com/l7d4Ej1kpg
— ANI (@ANI) January 16, 2024
उन्होंने आगे कहा कि ये आम चुनाव नहीं है। पहला भाजपा बनाम इंडिया गठबंधन का मुकाबला है। ये केवल चंडीगढ़ ही नहीं कश्मीर से कन्याकुमारी तक जाएगा। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव मिलकर लड़ेगी। आम आदमी पार्टी मेयर जबकि कांग्रेस सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पर अपने पार्षदों को चुनाव लड़ाएगी।
कांग्रेस प्रत्याशी ने वापस लिया नामांकन
कांग्रेस उम्मीदवार जसबीर बंटी महौपर पद के लिए अपना नामांकन वापस ले लिया है। इसी तरह ‘आप’ उम्मीदवार नेहा मुसावत और पूनम ने क्रमश: वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर पद के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर ‘आप’ के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने कहा, ‘‘एक साथ मिलकर हम यह चुनाव आसानी से जीतेंगे और आखिरकार चंडीगढ़ में बीजेपी के अलावा किसी अन्य पार्टी का महापौर होगा।
उन्होंने कहा कि महापौर का चुनाव एक उदाहरण स्थापित करेगा कि ‘आप’ और कांग्रेस मिलकर बीजेपी को हरा सकती हैं। बीजेपी की तानाशाही को खत्म करने के लिए ‘आप’ और कांग्रेस ने मिलकर यह चुनाव लड़ने का फैसला किया है। बीजेपी ने चंडीगढ़ और इसके लोगों के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया है, लेकिन अब सब कुछ बदल जाएगा।
18 जनवरी को होना है चंडीगढ़ महापौर का चुनाव
‘आप’ और कांग्रेस ने चंडीगढ़ महापौर के लिए 18 जनवरी को होने वाले चुनाव के वास्ते गठबंधन करने का फैसला किया है। यह दोतरफा मुकाबला होने जा रहा है और विश्लेषकों का मानना है कि इससे दोनों दलों को बीजेपी पर बढ़त मिलेगी। चंडीगढ़ के 35 सदस्यीय नगर निगम में बीजेपी के 14 पार्षद हैं। पार्टी में एक पदेन सदस्य सांसद भी होता है, जिसके पास मतदान का अधिकार होता है।
‘आप’ के 13 और कांग्रेस के सात पार्षद हैं। सदन में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का एक पार्षद है। महापौर, वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर पद के लिए बृहस्पतिवार को मतदान होगा। कांग्रेस ने 2022 और 2023 में मतदान में भाग नहीं लिया था, जिससे महापौर के चुनाव में बीजेपी की जीत हुई। सदन के पांच साल के कार्यकाल के दौरान हर साल तीन पदों के लिए चुनाव होते हैं। इस साल महापौर की सीट अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए सुरक्षित है।
