छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बीटेक, बीबीए, और बीकाम आनर्स और बैचलर आफ डिजाइन की पढ़ाई महंगी होगी।
और विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने इन चारों पाठ्यक्रमों की वार्षिक फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी है।
इसके साथ ही बीटेक की फीस 85 हजार से बढ़ाकर 95 हजार रुपये, बीबीए की 60 हजार से 75 हजार रुपये, बीकाम आनर्स की 55 हजार से 65 हजार रुपये और बीडेस की 50 हजार से 60 हजार रुपये भी कर दी गई है।
फिर मंगलवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में सेंटर फार एकेडमिक्स में हुई विद्या परिषद की बैठक में ही फीस संशोधन के साथ कई शैक्षणिक प्रस्तावों पर भी मुहर भी लगाई गई।
फिर दोनों पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें होंगी और शुल्क 26,200 रुपये निर्धारित भी किया गया है।
और गीता ज्ञान संस्थान, कुरुक्षेत्र के सहयोग से श्रीमद्भगवद्गीता में एक वर्षीय डिप्लोमा और एक सेमेस्टर का गीता सार प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल भी रहा।
इसके साथ ही बैठक में शारीरिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत ‘योगा फार डायबिटीज प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट’ और ‘योगा फार कारपोरेट सेक्टर’ नाम से दो कौशल प्रमाणपत्र और पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
फिर दोनों की अवधि तीन-तीन महीने और शुल्क पांच-पांच हजार रुपये भी होगा। और वहीं स्कूल आफ बेसिक साइंसेज के बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड कार्यक्रम में सांख्यिकी और पर्यावरण विज्ञान को ही अतिरिक्त विषय विकल्प के रूप में शामिल करने की मंजूरी भी दी गई। फिर कार्यक्रम की सीटें भी 150 से बढ़ाकर 180 भी की जाएंगी।