न्यूज़लिंक हिंदी। इटावा जिले की शालिनी शुक्ला अब शानू शुक्ला बन गया है। शालिनी ने अपना लिंग परिवर्तन करवा लिया है। ग्राम सुल्तानपुर निवासी 28 वर्षीय शालिनी पूरी तरह से साधारण लड़की ही थी, लेकिन उसे लड़कों की तरह जीवन जीना था।
उसके लिए उन्होंने अपने परिवार से सहमति और सहयोग के बाद लिंग परिवर्तन करवा लिया। जिले में यह पहला मामला है। जल्द ही वह डीएम को नए प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करेंगे। जिसके बाद वह कानूनी रूप से शानू बन जाएंगे।
शालिनी ने जेंडर डिस्फोरिया के तहत लिंग परिवर्तन करवाया है। यहां तक कि उसके प्राइवेट पार्ट को भी विकसित किया गया। छाती की सर्जरी भी इस लिंग परिवर्तन का एक अहम हिस्से को पूरा किया गया। इसके लिए उसे एक वर्ष से अधिक समय के बाद कई हार्मोंस थेरेपी भी दी गई।
जिले के रहने वाले शानू एक वर्ष पूर्व शालिनी हुआ करते थे, लेकिन उनको बचपन से लड़कों की तरह जीवन जीना और उनके साथ खेलना पसंद था। जिस वजह से शालिनी ने अपने परिवार को इस बारे में मुख्य रूप से बताया और उनको समझाया। परिजनों के सहयोग से वर्ष 2021 से उन्होंने लिंग परिवर्तन के लिए डॉक्टरों के निर्देशन में ये प्रक्रिया शुरू करवा दी।
शानू शुक्ला ने बताया कि जब उन्हें जेंडर चेंज सर्जरी के बारे में पता चला, तो उन्होंने लिंग परिवर्तन करने का निर्णय लिया व परिवार की सहमति और सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि अभी तक छह से सात लाख खर्च हो चुका है। आगे भी करीब इतना पैसा खर्च होगा। जिसके लिए जल्द से जल्द अपने प्रमाण पत्र जिलाधिकारी के यहां आवेदन करके बदलवाना है।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के जनरल सर्जरी विभाग के प्रो डॉ. सोमेंद्र पाल ने बताया कि जेंडर डायस्फोरिया के लक्षण के कारण अक्सर लड़की लड़के की तरह लड़का लड़की की तरह जीना चाहते हैं, लेकिन समाज के डर से वह इन बदलावों को बताने से डरते हैं।
वहीं, जब वह अपने जीवन को सामान्य बनाना चाहते हैं। तब वह जेंडर चेंज के लिए सर्जरी का फैसला लेते हैं। उन्होंने बताया जेंडर चेंज सर्जरी एक चुनौती पूर्ण काम है, इसमें काफी खर्च आता है। इस सर्जरी को करने से पहले मानसिक रूप से पूर्ण तैयार रहना पड़ता है उसके बाद हार्मोन थेरेपी भी की जाती है।

