नगर निगम में टेंडर होने से पहले काम बांटने का मामला सामने आया है। शास्त्री नगर वार्ड 91 स्थित सेंट्रल पार्क व आस-पास में टेंडर होने से पहले ही विक्टोरिया बेंच डाल दी गई।
शुक्रवार को इस मामले को लेकर कुछ ठेकेदारों ने नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई है। उच्च अधिकारियों को जानकारी हुई तो मामले की जांच शुरू हुई है।
नगर निगम में शिकायत की गई है कि वार्ड 91 में विभिन्न पार्कों में विक्टोरिया बेंच डाली जानी थी। इसका टेंडर 30 अक्टूबर को होना था।
लेकिन इसके पहले ही 25 अक्टूबर को ही पार्कों में विक्टोरिया बेंच डाल दी। ठेकेदारों ने कहा कि यदि कोई आकस्मिक कार्य होता तो कोई बात नहीं, ऐसे कैसे बिना टेंडर व वर्कआर्डर के हुए ही कार्य कर दिया गया।
आरोप लगाया कि इससे पहले भी वार्ड के कार्य एक ही ठेकेदार कंपनी को ही ज्यादातर कार्य दे दिए जाते हैं। ठेकेदारों ने मामले की जांच की मांग की है।
एक ठेकेदार ने फर्म का नाम न डालने की शर्त पर बताया कि नगर निगम जेई अपने प्रिय ठेकेदारों से पहले ही काम करा लेते हैं उसके बाद जब कोई नया ठेकेदार उस टेंडर में काम डालता है तो उसपर टेंडर हटाने का दबाव बनाते हैं।
इसमें हम लोगों की टेंडर फीस तक चली जाती है। वार्ड के पार्षद विनोद गुप्ता ने बताया कि पूर्व नगर आयुक्त यहां फुटसल मैदान, बड़ा सेंट्रल पार्क में खेलने आते रहे हैं।
उन्होंने ही अधिकारियों को यहां बेंच डलवाने निर्देश दिए थे, उसी के तहत कार्य हुआ है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि मामले की जानकारी की जा रही है।
केशवपुरम में घटिया सड़क का कर दिया भुगतान, जांच शुरू केशवपुरम के सेक्टर आई में घटिया सड़क निर्माण की शिकायत महापौर प्रमिला पांडेय से की गई।
वार्ड 54 विनायकपुर के पार्षद कौशल कुमार मिश्रा ने बताया कि आईजे टाइल्स फर्म द्वारा सड़क का निर्माण मानक के विपरीत किया गया है।
इसकी शिकायत करने के बाद भी फर्म को 60 फीसदी भुगतान कर दिया गया। महापौर प्रमिला पांडेय ने इस मामले में नगर आयुक्त से जांच कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
आकस्मिक कार्यों की जानकारी मांगी
शुक्रवार को वार्ड 69 सरोजनी नगर के पार्षद अरविंद यादव ने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से मिलकर उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 117 के तहत हो रहे।
कार्यों में अनियमितता की शिकायत की और जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी फाइलों को दिखवाया जाए कि क्या वाकई आपातकाल के कार्य इस धारा के तहत किए गए हैं।