दुबई में फर्जी ‘ब्लूचिप’ कंपनी बनाकर दस देशों के एक हजार से ज्यादा लोगों को 40 प्रतिशत लाभांश का सब्जबाग दिखाने और फिर 1500 करोड़ की ठगी करने वाले महाठग रवींद्रनाथ सोनी का आखिरकार कानून ने घेराव भी कर लिया है।
फिर विशेष जांच टीम ने गिरोह के 13 आरोपितों के खिलाफ 18 मुकदमों में नौ हजार पन्नों के डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का ऐसा अभेद्य पुलिंदा तैयार भी किया है। फिर जिससे बचना अब मुश्किल होगा।
और इसमें 69 बैंक खातों के लेनदेन के विवरण, वाट्सएप चैट, 15 करोड़ से अधिक की संपत्ति के दस्तावेजों, 35 से अधिक गवाह समेत साक्ष्य भी शामिल हैं। अब वहीं, अब ईडी भी इस ठग गिरोह की जड़ें उखाड़ने में जुट भी गई है।
फिर परेड निवासी अब्दुल करीम ने नई दिल्ली मालवीय नगर के रवींद्रनाथ सोनी के खिलाफ पांच जनवरी 2025 को सदर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
और उन्होंने दुबई में नौकरी कर रहे बेटे तलाह करीम से 2021 में 42 लाख 29 हजार 600 रुपये ठगने का आरोप भी लगाया था।
फिर पुलिस ने रवींद्रनाथ को 30 नवंबर 2025 को उसके देहरादून में ही स्थित दूसरे घर से गिरफ्तार कर एक दिसंबर को जेल भेजा था।
और उसकी गिरफ्तारी की बात दुबई तक पहुंची और कानपुर पुलिस की ई-मेल पर रवींद्रनाथ और उसके साथियों के खिलाफ शिकायती पत्र भी आने लगे।
इसके बावजूद जांच में पता चला कि रवींद्रनाथ सोनी ने साथियों के साथ दुबई में बैठकर भारत, यूएई समेत 10 देशों के एक हजार से अधिक लोगों से 1500 करोड़ रुपये की ठगी की है।
और पूरे मामले में एक-एक कर 26 मुकदमे दर्ज हुए, जिसमें छह जीरो एफआइआर थीं। और जिन्हें संबंधित जिलों के थानों में ट्रांसफर भी की गई।
जबकि 18 मुकदमों की जांच एसआईटी कर रही थी। और करीब 10 माह में सभी मुकदमों की जांच पूरी कर नौ हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार भी कर ली गई है।
फिर सभी आरोपितों का लुक आउट नोटिस भी जारी है, जिससे कोई देश से बाहर भी जाए या बाहर से भारत आए।
तो एयरपोर्ट पर ही पकड़ा जा सके। और वहीं, दूसरे देश के भी आरोपित होने पर रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया गया है।