Gyanvapi: खुल गया तहखाने का द्वार, मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, HC जाने का दिया सुझाव

0
257

न्यूज़लिंक हिंदी। ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास तहखाना में पूजा पर रोक लगाने की मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। जिला अदालत के व्यास तहखाना में पूजा की इजाजत देने वाले आदेश के खिलाफ कमेटी की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी को हाई कोर्ट जाने का सुझाव भी दिया।

ये भी पढ़े : UP Budget session: योगी सरकार की तिजोरी में क्‍या-क्‍या, 5 फरवरी को बजट पेश करेगी यूपी सरकार, 12 फरवरी तक चलेगा सत्र

आपको बता दें कि ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी तहखाने में पूजापाठ के वाराणसी कोर्ट के आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने आज तड़के तीन बजे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। CJI ने फाइल देखने के बाद मस्जिद पक्ष को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है। CJI ने मुस्लिम पक्ष के वकीलों से कहा कि आपको कोई भी राहत चाहिए तो आप हाईकोर्ट जा सकते हैं।

30 साल बाद पूजा-पाठ की दी थी इजाजत
गौर रहे कि जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में व्यासजी के तहखाने में 30 साल बाद पूजा-पाठ की इजाजत दी थी। आदेश पर अमल करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा में तहखाने में देर रात से ही पूजा-अर्चना शुरू करा दी। गुरुवार तड़के मंगला आरती भी हुई।

सुबह 3 बजे ही कोर्ट पहुंची कमेटी
ज्ञानवापी मस्जिद की कानूनी टीम जिसमें वकील फुजैल अय्यूबी, निज़ाम पाशा और आकांशा शामिल थे। उन्होंने आज सुबह 3 बजे सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार से संपर्क किया। मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से वाराणसी कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया, ताकि मुस्लिम पक्ष कानूनी उपाय तलाश सके। आज सुबह तीन बजे ही मुस्लिम पक्ष ने रजिस्ट्रार से करीब एक घंटे तक बातचीत की।

ये भी पढ़े : Gyanvapi case: यह हम सभी का सौभाग्य है कि वहां पूजा-अर्चना शुरु हो गई- भाजपा नेता अपर्णा यादव

SC का राहत देने से फिलहाल इनकार
सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने सुबह भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के सामने दस्तावेज रखे। कागजात देखने के बाद सीजेआई ने मुस्लिम पक्ष को किसी भी तरह की राहत देने से फिलहाल इनकार किया है। इस मामले में सुनावाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने जाने को कहा है। मुमकिन है कि अब मस्जिद इंतजामिया कमेटी इस फैसले पर रोक के लिए हाईकोर्ट जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here