Haldwani Violence: कर्फ्यू और इंटरनेट ठप, उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर किया पथराव, जानें पूरा मामला

बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल को ढहाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने अचानक हमला कर दिया।

0
274

न्यूज़लिंक हिंदी, उत्तराखंड। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में बीते कल यानी गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल तेज हो गया। जिसके बाद से प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश भी जारी किए। बता दे कि इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई। वहीं शहर में कर्फ्यू लगा दिया है।

हवाई सर्वे तक नहीं करा पाया
मलिक का बगीचा में बने अवैध मदरसे और धर्म स्थल को तोड़ने के लिए नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की टीम क्षेत्र में बिना हवाई सर्वे के ही घुस गई। बीते चार फरवरी के विरोध के बावजूद पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मामले को हल्के में ले लिया। कई मौकों पर ड्रोन से निगरानी करने वाले पुलिस प्रशासन कार्रवाई से पहले हवाई सर्वे तक नहीं करा पाया।

न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने मामले की सुनवाई की
इस फैले पुरे बवाल के बाद पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। बता दे कि जिले में ज्यादा आबादी वाले थाना क्षेत्रों में संवेदनशील जगहों पर गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही दो कंपनी, दो प्लाटून पीएसी को हल्द्वानी भेजा गया है। ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक पर सुनवाई 14 को मलिक का बगीचा और अच्छन का बगीचा क्षेत्र में अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 14 फरवरी को होगी। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने मामले की सुनवाई की।

पुलिसकर्मियों पर लगातार पथराव होता रहा
उपद्रवियों को भगाने के लिए बनभूलपुरा की गलियों में अंदर घुस रही पुलिस फोर्स उनके ही जाल में फंसती नजर आई। घरों की छतों से पुलिसकर्मियों पर लगातार पथराव होता रहा। बता दे कि बमुश्किल गलियों से बचते-बचाते पुलिसकर्मी किसी तरह मुख्य सड़क पर आ सके।

जानकारों की मानें तो बनभूलपुरा में भेजी गई पुलिस फोर्स दूसरे जिलों या अन्य थानों से भी आई थी, जिन्हें इस इलाके का अंदाजा तक नहीं था। अधिकारियों के आदेश का पालन पूरा करने के लिए फोर्स अंदर तो घुस गई, लेकिन वह चक्रव्यूह में फंस गई।

छह की मौत और 300 से अधिक लोग घायल
बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल को ढहाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने अचानक हमला कर दिया। पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह रामनगर कोतवाल समेत 300 से अधिक पुलिसकर्मी और निगम कर्मी घायल हो गए।

शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया
बता दे कि उपद्रव्यों ने बनभूलपुरा थाना फूंक दिया। पुलिस की जीप जेसीबी दमकल की गाड़ी समेत कई दुपहिया वाहन भी फूंक दिए गए। जब आंसू गैस के गोले दागने और लाठी चार्ज के बाद भी जब हालात काबू में नहीं आए तो सबसे पहले अधिकारी जान बचाने के लिए मौके से भाग गए। वहीं प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही पैर में गोली मारने के आदेश जारी कर दिए, जिसके बाद से ही शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया।

ये भी पढ़ें : West Bengal: जेलों में 196 शिशुओं ने लिया जन्म, हाईकोर्ट के सामने आया हैरान करने वाला मामला, महिला कैदी हो रहीं गर्भवती

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here