आयुर्वेदिक डॉक्टर रोबिन शर्मा ने अपनी एक वीडियो में हार्ट अटैक के महीनों पहले दिखने वाले 5 लक्षण को बताए थे।
उनके मुताबिक चक्कर आना या अंधेरा दिखना, पैर में सूजन, हर वक्त थकान, सांस फूलना और छाती में भारीपन रहना हार्ट अटैक के करीब होने की निशानी भी हो सकते हैं।
और ऐसा तब होता है जब दिल तक खून पहुंच नहीं पाता है या फिर कमजोर होने की वजह से वह दूसरे अंगों तक पहुंचा नहीं पाता है।
इस आर्टिकल में हम दिल को डैमेज करने वाली 7 चीजों के बारे में जानेंगे, जो दिन रात इसे खराब करने की मेहनत करती रहती हैं।
जैसे कि बाजार में मिलने वाली खाने की अधिकतर चीजें पाम ऑयल में बनाई जाती हैं। और इसे हाइड्रोजेनेटेड करके सस्ता और लंबे वक्त तक सही रहने लायक बनाया जाता है।
एनसीबीआई पर प्रकाशित 2009 का अध्ययन इसे ट्रांस फैट से भरपूर बताता है। जिसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
साथ ही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबक एक व्यक्ति को एक दिन में 5 ग्राम नमक से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
मगर लोग इससे दोगुना नमक खा रहे हैं, जिसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर होता है। फिर यह हार्ट अटैक, गैस्ट्रिक कैंसर, मोटापा, ऑस्टियोपोरोसिस और किडनी डैमेज करता है।
और गुलाब जामुन, बर्फी, आइसक्रीम में मीठा ठोक के भाव होता है। इसके ऊपर से चीनी भी खाई जाती है। इतना सारा मीठा शरीर को बहुत बीमार कर सकता है।
और इससे टाइप 2 डायबिटीज के साथ हाइपरटेंशन हो सकता है। जो कि दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक का प्रमुख कारण माना जाता है।
और बाजार में पैकेट में मिलने वाला मक्खन ऐसी चीज है, जो मीठा, नमक और फैट तीनों का नुकसान पहुंचाती है।
इसका सोडियम, फैट और ग्लूकोज शरीर के अंदर कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ाता है।
इसके अलावा सफेद चावल, ब्रेड, पास्ता आदि में बहुत सारा कार्ब्स होता है और पोषण की मात्रा न के बराबर होती है।
और ये भी बताया गया है कि डाइट में ज्यादा कार्ब्स लेने से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है और यह रिस्क एशियाई लोगों को ज्यादा है।
अगर हार्ट अटैक की बात हो और शराब का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता है। एल्कोहॉल की लत आपके दिल के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक है।
इससे हाई बीपी, मोटापा, हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है।
फिर अगर आप पूड़ी-कचौरी, पकौड़े, टिक्की खाने के शौकीन हैं तो बिल्कुल सुधर जाइए।
क्योंकि इन्हें बनाने के लिए खूब सारे तेल में तला जाता है और हार्वर्ड कहता है कि हर हफ्ते डीप फ्राइड फूड खाने से दिल की बीमारियों का खतरा लगभग 28 प्रतिशत ज्यादा होता है।