जेल में बंद मुख्तार अंसारी को हुआ मोतियाबिंद, पेशी पर बोला माफिया: साहब, सही से दिखाई नहीं दे रहा…इलाज करवा दें

''साहब, मेरी आंखों में दिक्कत है। मुझे सही से दिखाई नहीं दे रहा है, मेरा इलाज करा दिया जाए। मुझे मोतियाबिंद हो गया है।'' ये बातें बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी ने जज से कहीं।

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न्यूज़लिंक हिंदी। ”साहब, मेरी आंखों में दिक्कत है। मुझे सही से दिखाई नहीं दे रहा है, मेरा इलाज करा दिया जाए। मुझे मोतियाबिंद हो गया है।” ये बातें बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी ने जज से कहीं। दरअसल गुरुवार को मुख्तार की फर्जी एम्बुलेंस और गैंगस्टर मामले में बाराबंकी की MP/MLA कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। मगर केस का गवाह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ।

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मुख्तार को पंजाब की रोपण जेल से बांदा जेल में स्थानांतरित किया गया था। यहीं से उस पर दर्ज सभी मामलों में वर्चुअल पेशी होती है। गुरुवार को बाराबंकी की कोर्ट में पेशी थी। इसी दौरान मुख्तार ने कहा कि उसे बांदा की जेल में सही इलाज नहीं मिल रहा है। जिससे उसका स्वास्थ्य लगातार खराब होता जा रहा।

जेल सूत्रों के अनुसार, मुख्तार की शिकायत पर न्यायाधीश ने उससे प्रार्थना पत्र देने को कहा है। जेल अधीक्षक वीरेश्वर राज शर्मा ने बताया कि सीएमओ को पत्र लिखा गया है, जल्द ही कारागार में नेत्र शिविर लगवाकर सभी बंदियों की आंखों की जांच कराई जाएगी। यदि कोई तकलीफ है तो उसका इलाज भी होगा। जेल प्रशासन ने मुख्तार की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।

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जिस वक्त मुख्तार को पंजाब से लखनऊ सड़क मार्ग से लाया जा रहा था, उस वक्त उसने किसी निजी वीवीआईपी एंबुलेंस का प्रयोग किया था। इसकी भनक शासन को लगते ही बाराबंकी में एंबुलेंस को रोककर जांच कराई गई तो वह सरकारी के बजाय निजी वीवीआईपी सुविधाओं से लैस पाई गई थी। इसके बाद उस पर गैंगस्टर व बिना अनुमति वीवीआईपी एंबुलेंस प्रयोग करने का मामला दर्ज किया गया था।

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