न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। फूलबाग में बनी भूमिगत पार्किंग के ऊपर बनाया गया गार्डेन हाथी का दिखाने वाला दांत हो गया है। 80 करोड़ की लागत से बनाये गये पार्किंग का संचालन तो शुरू हो गया, लेकिन आज तक गार्डेन का सही उपयोग नहीं हो पाया है। जिसकी वजह से गार्डेन के अंदर बनी 12 हट और विदेशी घाट धूल फांक रहे हैं।

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इस पार्किंग का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू किया गया था। कुछ समय तक यह प्रोजेक्ट हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के कारण बंद करना पड़ा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर केडीए ने इस प्रोजेक्ट के साथ भूमिगत कामर्शियल काम्पलेक्स बनाने का प्रस्ताव वापस ले लिया था। कुछ शर्तों के साथ पार्किंग बनाने की इजाजत मिली थी। वर्ष 2017 में पार्किंग बन गई थी। इसके बाद ऊपर टेरिस गार्डेन बनाया गया। जिसको आधुनिक रूप में डेवलप किया गया। देखने में यह पार्क किसी वेडिंग रिसॉर्ट की तरह डेवलप किया गया है। लेकिन, प्रचार प्रसार न होने और गार्डेन का अलग से रेट न तय किये जाने की वजह से आज भी यह गार्डेन विरान पड़ा है।
550 चार पहिया वाहन खड़े किए जा सकते
यह पार्किंग गणेश उद्यान के नीचे बनाई गई है जिसमें 550 चार पहिया वाहन खड़े किए जा सकते हैं। पूर्व केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने केडीए बोर्ड की बैठक में नीलामी की आरक्षित दर कम रखे जाने का प्रस्ताव किया था जिसे मंजूरी मिल गई थी।

