कानपुर के किडनी कांड के राजफाश में एक महिला की शिकायत, खुफिया सूचना के साथ ही एक आइपीएस अधिकारी का एमबीबीएस होना भी काम आया।
फिर आहूजा अस्पताल में छापेमारी के समय पुलिस और मेडिकल टीम को प्रबंधन ने किडनी प्राप्त करने वाली महिला के बारे में यह भी जानकारी दे दी थी। उसके गाल ब्लेडर का आपरेशन भी हुआ है।
फिर इस जानकारी के बाद संतुष्ट होकर मेडिकल टीम लौटने लगी पर जांच को पहुंचे आइपीएस अधिकारी सुमेध जाधव ने पाया।
आपरेशन का चीरा जहां लगाया गया है, वहां गाल ब्लेडर होता ही नहीं। फिर ऐसा चीरा तो किडनी ट्रांसप्लांट में लगता है। फिर इस शक ने ही किडनी कांड की परत खोल दी।
इसके साथ ही कल्याणपुर के अस्पतालों में गैरकानूनी काम होने की जानकारी कुछ लोगों ने दिसंबर 2025 में पुलिस आयुक्त को दी थी।
फिर जांच में कुछ ठोस मिल न सका। और फिर दो माह बाद फरवरी में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल को फोन कर एक महिला ने बताया।
वह आरोही अस्पताल के पास रहती हैं। अक्सर शनिवार-रविवार रात अस्पताल के अंदर हलचल सी दिखती है और कभी चीख भी सुनाई भी देती है।
फिर दोनों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर लिए गए। फिर आहूजा अस्पताल का नाम आया।
लेकिन इसका संचालन आइएमए कानपुर शाखा की उपाध्यक्ष प्रीति आहूजा के पति डा. सुरजीत आहूजा करते थे।
फिर इसलिए पुलिस ने सतर्कता बरती। और अस्पताल के एक कर्मचारी ने 29 मार्च को गुप्त सूचना दी कि आज दो किडनी ट्रांसप्लांट भी होने हैं।
और फिर पुलिस पहुंची तो मुजफ्फरनगर की पारुल का आपरेशन हो चुका था। फिर गिरोह को भनक लग गई कि पुलिस सक्रिय है।
इसलिए वे जल्दी निकलने लगे। और फिर अस्पताल के गेट पर पुलिस के सामने गिरोह के सदस्य जा रहे थे।
मगर सुबूत हाथ में नहीं था, इसलिए कुछ न हो सका। और फिर छापेमारी के लिए स्वास्थ्य विभाग से मदद मांगी गई।
इसके अलावा एसीएमओ डाक्टर रमित रस्तोगी आहूजा अस्पताल पहुंचे तो पुलिस अंदर दाखिल हुई, जिसे किडनी लगाई गई थी।
उसका नाम फिर पारुल ये भी बताया गया और वह आइसीयू में बेहोश थी। फिर पूछताछ में गाल ब्लेडर का आपरेशन भी बताया गया।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अब पल्ला झाड़ लिया। फिर सब लौटने लगे पर प्रशिक्षु आइपीएस सुमेध जाधव ने मरीज देखने की बात कही और फिर चीरा देखकर ट्रांसप्लांट का राज भी खोला।
फिर ये भी अब सुबूत सामने भी आये था। फिर मौके पर मौजूद डा. सुरजीत सिंह आहूजा, उनकी पत्नी डा. प्रीति आहूजा व दलाल शिवम अग्रवाल को धर दबोचा गया।