कानपुर में 20 अक्तूबर को मनाए जाने वाले दशहरा पर्व को लेकर अब तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
और बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का बाजार पूरी तरह सजकर तैयार है। लेकिन इस बार महंगाई की मार ने दशानन के तेवर और महंगे कर दिए हैं।
साथ ही अखबारी कागज, गत्ते , रंगीन कागज, बांस और लोहे के तार जैसी बुनियादी सामग्री के दाम बढ़ने के कारण ही इस वर्ष पुतले पिछले साल की तुलना में अधिक कीमत पर बिक भी रहे हैं।
फिर इसके बावजूद लोगों में पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा भी जा रहा है। और बाजार में छोटे आकार के पुतलों से लेकर 50 फीट तक की ऊंचाई वाले भव्य पुतलों की खासी मांग बनी हुई है।
और फिर कानपुर न केवल अपने लिए बल्कि कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, फतेहगढ़, उरई और आसपास के कई अन्य जिलों के लिए भी पुतलों का प्रमुख निर्माण व आपूर्ति केंद्र भी बना हुआ है।