अब जल निगम पूरब और दक्षिण क्षेत्र के 33 वार्डों में 562 किमी की पाइपलाइन बिछाएगा ताकि लोगों को शुद्ध पानी मुहैया हो सके।
और फिर 63152 कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके साथ ही 10 टंकियों और नौ जलाशयों का निर्माण होगा। और फिर 20 लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिल सकेगी।
फिर इस परियोजना को कैबिनेट की बैठक में हरी झंडी दे दी गई है। और फिर जल निगम टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद काम शुरू कराएगा। इस काम को दो साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूवल मिशन के तहत 18 साल पहले लाइनों को बिछाया गया था, लेकिन तमाम जगहों पर लाइनों को अधूरा छोड़ भी दिया गया था।
और फिर कई जगहों पर तो पाइपलाइन ही नहीं पड़े हैं। घटिया गुणवत्ता की लाइन होने की वजह से आए दिन लीकेज हो रहे हैं।
फिर ऐसे में लोगों तक शुद्ध पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। और फिर यह समस्या पूरब और दक्षिण क्षेत्र में ज्यादा है।
फिर इसको देखते हुए अटल नवीकरण और शहर रूपांतरण मिशन 2.0 योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार के लिए जलनिगम ने 316.68 करोड़ रुपये का खाका भी तैयार किया था।
इसके साथ ही मंगलवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना पर मुहर भी लगा दी गई है।
फिर इसमें केंद्र सरकार की ओर से 76.10 करोड़, राज्य सरकार की ओर से 182.64 करोड़ और निकाय का 45.66 करोड़ रुपये का अंश भी शामिल होगा।
और फिर बजट जल निगम को हस्तांतरित होने के बाद टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। फिर इसके बाद लाइनों को बिछाया जाएगा।
और फिर जल निगम के सहायक अभियंता राहुल तिवारी ने ये भी बताया कि पूरब और पश्चिम क्षेत्र के 33 वार्डों में शुद्ध पेयजल लाइनों को बिछाने के लिए परियोजना को कैबिनेट से स्वीकृति भी मिल गई है।
और अब बजट आने के बाद टेंडर प्रक्रिया भी शुरू होगी। इसके अलावा जेएनएनयूआरएम के तहत 869 करोड़ रुपये से पेयजल योजना लाई गई थी।
फिर इस योजना के तहत 20-20 करोड़ लीटर क्षमता के दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए गए थे। और फिर पाइपों की गुणवत्ता ठीक न होने की वजह से योजना परवान भी न चढ़ सकी।
और फिर मुख्य पाइप लाइन में लीकेज के कारण गंगा बैराज स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से भी सभी जगह पानी नहीं पहुंच पा रहा।
और फिर 20-20 करोड़ लीटर क्षमता के दोनों प्लांटों से अभी भी छह करोड़ लीटर पानी की ही सप्लाई मुश्किल से हो पा रही है।