कानपुर में अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शहर की पान मसाला निर्माण कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई भी की है।
फिर शहर की 41 पान मसाला निर्माण इकाइयों में छापेमारी के दौरान ही 12 फैक्ट्रियों में उत्पादन होते हुए पाया जबकि 29 फैक्ट्रियां बंद भी मिली हैं।
फिर पान मसाला बनाने के लिए फैक्ट्रियों में खाने वाले चूना के स्थान पर औद्योगिक चूने का प्रयोग होते हुए पाया गया।
और फिर टीम ने खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए सात उत्पादन इकाइयों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की सामग्री जब्त भी की गई है। और दो इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अपर आयुक्त रेखा एस. चौहान के नेतृत्व में कानपुर पहुंची 41 टीमों ने जांच कार्रवाई भी की है।
फिर अपर आयुक्त ने खुद ग्रीनवर्थ इंटरप्राइजेज प्रा.लि. का निरीक्षण भी किया। फिर कारखाने में मिली गंभीर धांधलियों के बाद 10 नमूने लेकर करीब 13.5 करोड़ रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री सीज की गई।
साथ ही इकाई का लाइसेंस निलंबित कर उत्पादन तुरंत बंद भी करा दिया गया है।फिर इसके अलावा त्रिमूर्ति फ्रेशनर एंड फ्लेवर्स में करीब 45 लाख की सामग्री जब्त की गई।
जबकि ओम एंड कंपनी की 19.5 लाख और एए फ्लावर्स इंटरनेशनल के 10 नमूने संग्रहित करते हुए 15.16 लाख की सामग्री भी जब्त की गई है।
और फिर इसी तरह श्रीकृष्णा फ्रेगरेंस में लगभग नौ लाख और राधा रानी फ्रेगरेंस की जांच के दौरान एक ही परिसर में तंबाकू-मसाला निर्माण पर लाइसेंस निलंबित कर परिसर सील कर दिया गया।
फिर यहां भी 72 हजार रुपये की सुपारी जब्त की गई है। फिर जांच में कई अन्य गड़बड़ियां भी मिली हैं।
जिसमें पान मसाला बनाने में औद्योगिक उपयोग वाले खतरनाक चूने का इस्तेमाल पाया गया।
और कई कारखानों में बेहद गंदगी पाई गई, कच्चे माल के स्रोत का कोई रिकार्ड नहीं मिला। और फिर पैकेट पर अनिवार्य वैधानिक चेतावनी नियमानुसार दर्ज नहीं थी।
फिर अभियान के दौरान सक्रिय इकाइयों से कुल 59 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भी भेजे गए हैं। और विभाग द्वारा अन्य दोषी इकाइयों के लाइसेंस निलंबन की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।