न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर में गंगा के उस पार शुक्लागंज में बनी ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए एक पुल की जरूरत है। इसी को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने तीसरा प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। इसके तहत VIP रोड के किनारे बनी टेफ्को की जमीन से पुल उठेगा और ट्रांसगंगा सिटी के पास गिरेगा।
आखिर क्यों खारिज हुए पहले के दो प्रस्ताव
सरसैया घाट पुल: सेतु निगम के अधिकारियों ने सबसे पहले सरसैया घाट चौराहा से पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। यह पुल ट्रांसगंगा सिटी के गेट नंबर तीन के पास उतरना था। पुल की लंबाई चार किमी थी। पुल निर्माण की लागत करीब 450 से 500 करोड़ के बीच आनी थी। यूपीसीडा ने सेतु निगम को फोरलेन सिग्नेचर ब्रिज की डीपीआर तैयार करने के लिए 59 लाख रुपये भी दिए थे।
हालांकि तब ट्रैफिक लोड का सर्वे नहीं किया गया था। इस वजह से तत्कालीन मंडलायुक्त ने यह कहकर प्रस्ताव खारिज कर दिया था कि बिना ट्रैफिक लोड के यह कैसे तय होगा कि पुल चार लेन का बनना चाहिए या छह लेन का। इसके अलावा पुल की लंबाई ज्यादा होने, सरसैया घाट के पास कई प्रशासनिक भवन होने, कचहरी के पास वाहनों का लोड अधिक होने की वजह से इसे खारिज कर दिया गया था। क्योंकि पुल यहां से शुरू होता तो जाम और लगता।
ग्रीनपार्क पुल: इसके बाद ग्रीनपार्क के पास से पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। लेकिन आसपास घनी आबादी और बड़ी-बड़ी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग को हटाना आसान नहीं था। यहां की जमीन अधिग्रहण में भी बहुत रुपया खर्च होता। इसके अलावा वृक्षों का कटान भी बहुतायत में होता। इस वजह से इस प्रस्ताव को भी अनुमति नहीं मिली।
तीसरा प्रस्ताव क्यों लगा उचित
टेफ्को की जमीन से सीडीओ सुधीर कुमार ने तीसरे प्रस्ताव के रूप में VIP रोड के किनारे स्थित टेफ्को की जमीन का निरीक्षण किया। यह स्थान उन्हें उचित लगा। यहां से पुल बनाने में ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं पड़ेगी। टेफ्को की जमीन खाली पड़ी है। यहां से ट्रांसगंगा सिटी तक बनने वाले पुल की लंबाई भी कम रहेगी और वृक्षों का कटान कम से कम होगा। इससे लागत भी कम रहेगी। सेतु निगम की रिपोर्ट के अनुसार पुल के पहुंच मार्ग को घुमाव देते हुए वीआईपी रोड के दोनों तरफ आसानी से जोड़ा जा सकेगा।

