स्पेशलिस्ट ब्लाक गणेश शंकर विद्यार्थी सुपर स्पेशियलिटी पोस्ट इंस्टीट्यूट में किडनी प्रत्यारोपण को अब शासन द्वारा हरी झंडी मिल गई है।
फिर जीएसवीएम को डीजीएमई की ओर से पांच साल के लिए लाइसेंस जारी किया गया है।
और फिर जहां पर अगले सप्ताह से ट्रांसप्लांट ओपीडी की शुरुआत कर किडनी प्रत्यारोपण वाले मरीजों का पंजीकरण शुरू किया जाएगा।
साथ ही संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के बाद यह प्रदेश का दूसरा ट्रांसप्लांट केंद्र होगा। और फिर जहां पर गंभीर किडनी रोगियों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
साथ ही लखनऊ के एसजीपीजीआइ में यूरोलाजी और नेफ्रोलाजी का नर्सिंग स्टाफ ट्रांसप्लांट का प्रशिक्षण हासिल भी कर रहा है।
इसके साथ ही जनवरी माह में जीएसवीएसएस पीजीआइ में केजीएमयू के सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. डा. अभिनव अरुण सोनकर, एसजीपीजीआइ के नेफ्रोलाजी विभाग के प्रो. डा. नारायण प्रसाद ने सुपर स्पेशलिस्ट ब्लाक की नेफ्रोलाजी और यूरोलाजी ओपीडी ब्लाक का निरीक्षण किया था।
और फिर तब टीम ने यहां के आपरेशन थियेटर, डायलिसिस रूम, डोनर रूम, आइसीयू और छह बेड की किडनी प्रत्यारोपण यूनिट में जाकर प्रत्यर्पण के लिए जरूरी संक्रमण युक्त वातावरण, आइसोलेशन कारीडोर को देखकर बेहद खुशी जाहिर की थी।
इसके अलावा नोडल अफसर प्रो. मनीष सिंह ने ये भी बताया कि अंगदान दिवस पर ट्रांसप्लांट की अनुमति शासन से मिली है।
और फिर हमारी स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवा अब ट्रांसप्लांट में भी साबित होगी। और फिर गंभीर मरीजों का जीवन बचाएगी।
और फिर देश में ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों की लंबी कतार भी है। पुरे प्रदेश की दूसरी यूनिट गंभीर मरीजों की जीवन रक्षा में उपयोगी भी साबित होगी।