कानपुर के रेलबाजार थानाक्षेत्र में शनिवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में हिस्ट्रीशीटर आटो चालक की 32 वर्षीय जाहिद उर्फ खूंटी की मौत के बाद स्वजन ने अब हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
फिर उनका आरोप है कि युवक की धारदार हथियार से हत्या की गई है। फिर वहीं, पुलिस ने घटना को हादसा बताया।
और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर धारदार हथियार से वार और ज्यादा खून बहने से मौत की पुष्टि भी हुई।
फिर घटना से आक्रोशित स्वजन ने वीआइपी रोड पर शव रखकर जाम लगाकर हंगामा किया तो पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत भी कराया।
साथ ही मूलरूप से उन्नाव शुक्लागंज निवासी जाहिद ग्वालटोली में किराए पर रहकर ऑटो चलाता था।
फिर वह ग्वालटोली थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर ग्वालटोली समेत शहर के कई थानों में 19 मुकदमे भी दर्ज हैं। फिर वह शुक्लागंज से घंटाघर रूट पर ऑटो भी चलाता था।
फिर उसके परिवार में पिता आरिफ, मां रहीशा, छह भाई और छह बहनें हैं। और बड़े भाई नदीम के अनुसार, शनिवार सुबह जाहिद रोज की तरह आटो लेकर घर से निकला था।
लेकिन कुछ देर रात तक नहीं लौटा। फिर छोटे भाई बाबू ने रात में कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
फिर कुछ देर बाद उसी मोबाइल फोन नंबर से कॉल आई। और कॉल करने वाले ने खुद को यूपी-112 से दारोगा बताते हुए कहा कि जाहिद का एक्सीडेंट हो गया है
। और उसे टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती भी कराया गया है। फिर पूरा परिवार अस्पताल पहुंचा।
और स्वजन का ये भी आरोप है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही जाहिद की मौत भी हो चुकी थी और उसका शव खून से लथपथ हालत में स्ट्रेचर पर ही पड़ा था।
इसके अलावा स्वजन ने ये भी सवाल उठाया कि यदि हादसा हुआ था तो दुर्घटनास्थल की जानकारी क्यों नहीं दी गई?
फिर उनका दावा है कि जाहिद के सिर पर धारदार हथियार से वार भी किए गए थे। वहीं, ऑटो में खून होने के बावजूद वाहन पर खरोंच तक भी नहीं थी, जिससे हत्या की आशंका और भी गहरा गई।
अब आरोप ये है कि जब स्वजन ने पुलिस से घटनास्थल के बारे में जानकारी मांगी तो स्पष्ट जवाब भी नहीं मिला।
फिर इसके बाद नाराज स्वजन ने देर रात थाने के बाहर हंगामा भी शुरू कर दिया। और मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अमान सिंह ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर लोगों को शांत भी कराया।