हालांकि संगठन को प्रतिबंधित किए जाने के बाद से कार्यालय बंद चल रहा है और लंबे समय से इसमें कोई रहता नहीं चल देखी जा रही है। हालांकि तीन जून को शहर में हुए उपद्रव में इस कार्यालय की बड़ी भूमिका बताई गई थी। एनआईए के जाने के बाद अनवरगंज पुलिस ने भी साकिर और जावेद के परिवार वालों से लंबी पूछताछ की है। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी जानकारी देने से मना कर रही है।
