अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ शेखर सिंह की कोर्ट ने अब आइ लव मोहम्मद के बैनर को लेकर रावतपुर में बारावफात के अवसर पर निकाले गए जुलूस में विवाद को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र खारिज भी कर दिया है।
फिर कोर्ट ने कहा कि आवेदक स्वच्छ हाथों से कोर्ट के समक्ष नहीं आया है। विपक्षीगण पर दबाव बनाने और मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है।
ये भी बता दें कि आइ लव मोहम्मद के बैनर को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे। और देश भर में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ था।
रावतपुर के शबनूर आलम की ओर से कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र के मुताबिक ही चार सितंबर 2025 को सैय्यद नगर में बारावफात के अवसर पर सजावट व रोशनी भी की गई थी।
और रात करीब आठ बजे मोहित बाजपेयी, मस्त चंदेल, आशीष कुशवाहा समेत 15-20 अज्ञात व्यक्ति लाठी डंडों से लैश होकर पहुंचे और फिर आइ लव मोहम्मद लिखे बैनर का विरोध करते हुए अपमानजनक शब्द भी कहे।
इतना ही नहीं गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। फिर पुलिस ने आइजीआरएस पोर्टल पर समझौता होने की रिपोर्ट लगाते हुए मामला बंद कर दिया।
और इस मामले में अब पुलिस की रिपोर्ट व अन्य तथ्यों पर विचारण के बाद कोर्ट ने प्रार्थना पत्र खारिज भी कर दिया।