न्यू कानपुर सिटी में योजना में सीवरलाइन, नाले, पाइपलाइन, केबल ट्रेंच का अब निर्माण होगा। फिर इन कार्यों की अनुमानित लागत 74.74 करोड़ रुपये है।
25.43 करोड़ से मैनावती मार्ग भी चौड़ा होगा। इसके साथ ही जाजमऊ पुरानी चुंगी के पास कारगिल शहीद स्मारक बनेगा, जिसमें कांस्य की प्रतिमाएं लगेंगी।
और फिर केडीए ने बुधवार को एक अरब 34 करोड़ 46 लाख रुपये से विभिन्न विकास कार्य कराने के लिए टेंडर जारी किए हैं।
और फिर नए साल की शुरुआत में सभी विकास कार्य शुरू कराने की तैयारी भी की जा रही है।
और फिर कल्याणपुर-सिंहपुर रोड के पास 28 साल से बहुप्रतीक्षित न्यू कानपुर सिटी योजना अब मूर्तरूप लेती नजर आ रही है।
इसके साथ ही 153.20 हेक्टेयर में क्टर वार विकसित होने वाली इस योजना के जोनल मार्गों पर ट्रंक सीवर लाइन, नाला, पाइपलाइन और भूमिगत विद्युत केबल के लिए ट्रेंच निर्माण के लिए टेंडर भी जारी किए हैं।
और फिर टेंडर डालने की अंतिम तिथि 18 दिसंबर को दोपहर तीन बजे तक है। फिर उसी दिन शाम चार बजे टेंडर खोले जाएंगे
इसके साथ ही सबसे कम धनराशि में कार्य के लिए टेंडर डालने वाली ठेकेदार कंपनी को कार्यादेश भी जारी किया जाएगा।
फिर इसी योजना में करीब 50 करोड़ रुपये से 45 मीटर चौड़े मुख्य मार्ग के साथ ही 30 मीटर और 24 मीटर चौड़े जोनल मार्गों के निर्माण के लिए दोबारा टेंडर भी कराए जा रहे हैं।
और फिर कार्य पूरा करने की डेडलाइन 24 माह है। इसके साथ ही केडीए ने इसी योजना से सटे सिंहपुर तिराहा से नवाबगंज तक मैनावती मार्ग के चौड़ीकरण सहित निर्माण के लिए भी टेंडर जारी किए हैं।
फिर इस कार्य की अनुमानित लागत 25.43 करोड़ रुपये और इसे पूरा करने की अवधि 15 माह है
इसके अलावा हरपुरम सेक्टर-13 से शिवली रोड तक 12 मीटर और 24 मीटर सड़क का चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण के लिए 3.47 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं। और फिर कार्य पूरा करने की अवधि छह माह है।
जवाहरपुरम योजना के ही सेक्टर-4 में 18.66 करोड़ रुपये से सड़क, सीवर, पानी की पाइपलाइन, ड्रेन और पार्क विकसित किया जाएगा।
फिर इन कार्यों के लिए भी बुधवार को टेंडर जारी हुए। इसके अलावा जवाहरपुरम से सेक्टर 13, 14 के सामने से राजपूत चौराहा और वहां से सेक्टर-छह तक ग्रीनबेल्ट में पौधरोपण और अनुरक्षण कार्य 49.93 लाख रुपये से ही कराया जाएगा।
इसके साथ ही केडीए सिग्नेचर ग्रींस योजना में अनुरक्षण कार्य ब्लैक लिस्टेड की गई फर्म माया बिल्डर्स के स्थान पर दूसरे ठेकेदार को देगा।फिर इसके लिए 7.36 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं।
और फिर माया बिल्डर्स को फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाकर जवाहरपुरम और शताब्दीनगर के भवनों में अग्निशमन उपकरण लगाने का 10 करोड़ का ठेका लेकर कार्य भी कराए थे।