Kanpur: STP में पानी नहीं पहुंचने से मचा हड़कंप, 13 करोड़ की सीवर लाइन नहर में हुई दफन, 32 करोड़ का अब नया प्रस्ताव

पूरा मामला शासन तक पहुंचा तो 2021 में शासन ने जल निगम मुख्यालय स्तर पर जांच कमेटी गठित की। एक साल पहले यह जांच पुरी भी हुई। कमेटी की तरफ से शासन को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि यह गहरी सीवर लाइन क्रियाशील नहीं है। इसे चालू भी नहीं किया जा सकता।

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न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। जवाहर लाल नेहरू नेशनल अरबन रिनुअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के द्वारा मैनावती मार्ग के समानांतर बिछाई गई 13 करोड़ की सीवर लाइन नहर में ही दफन हो गई। सिंहपुर तिराहे से बनियापुरवा एसटीपी तक सीवर लाइन सड़क के किनारे-किनारे बिछाई जानी थी, लेकिन यह नहर में ही बिछा दी गई। मिट्टी से भर जाने से लाइन चोक हो गई। अब 11 साल बाद बनियापुरवा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(STP) बना, तो सीवर का पानी न पहुंचने पर इसका खुलासा हुआ।

जानकारी के लिए बता दे, की अब 32 करोड़ से नई सीवर लाइन डालने और एक इंटरमीडिएट सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल निगम के एमडी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने इसका आकलन भी शुरू कर दिया है। JNNURM की सीवेज परियोजना के तहत जल निगम ने 2008 में लखनपुर सीवेज पंपिंग स्टेशन से सिंहपुर तिराहा, मैनावती मार्ग होते हुए आजादनगर स्थित डीपीएस के पास बनियापुरवा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक गहरी सीवर लाइन ठेकेदार फर्म सतीश कुमार से बिछवाई गई थी।

सीवर लाइन की निर्माण लागत 13 करोड़
नौ किलोमीटर लंबी सीवर लाइन की निर्माण लागत 13 करोड़ रुपये थी। उस वक़्त जल निगम के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार प्रोजेक्ट मैनेजर और एके वाष्र्णेय अभियंता थे। ठेकेदार सतीश कुमार ने जल निगम के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से हिंदूपुर गांव मोड़ से मैनावती मार्ग के समानांतर नहर में ही सीवर लाइन के पाइप बिछा दिए। इसमें 20 से 25 मीटर दूरी पर सीवर चैंबर भी बनाए गए, जबकि यह सीवर लाइन मैनावती मार्ग पर ही बिछनी थी।

सीवर लाइन चोक होने से हुआ खुलासा
जल निगम के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता रामशरण पाल ने 2019 में एसटीपी का निर्माण कराया। इस पर 13 करोड़ रुपये खर्च भी हुए, लेकिन इस प्लांट में पानी न पहुंचने पर जांच भी हुई। तब गहरी सीवर लाइन चोक होने का खुलासा हुआ। पहले तो जल निगम अफसरों ने इस लाइन को खुलवाने की कोशिश भी की हालांकि असफल रहे।

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लीपापोती करने की भी कोशिश की गई। बाद में यह पूरा मामला शासन तक पहुंचा तो 2021 में शासन ने जल निगम मुख्यालय स्तर पर जांच कमेटी गठित की। एक साल पहले यह जांच पुरी भी हुई। कमेटी की तरफ से शासन को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि यह गहरी सीवर लाइन क्रियाशील नहीं है। इसे चालू भी नहीं किया जा सकता।

आपको बता दे, सीवर लाइन के चोक होने के कारण महर्षि दयानंद विहार, लखनपुर, नारामऊ, ख्यौरा सहित आसपास के अन्य मोहल्लों का गंदा पानी परमियापुवा नाले से गंगा में जा रहा है। हालांकि जल निगम अफसर बनियापुरवा सीवेज पंपिंग स्टेशन के माध्यम से वीआईपी रोड पर बिछी गहरी सीवर लाइन से जाजमऊ एसटीपी तक गंदा पानी पहुंचाने का दावा कर रहे हैं।

नई सीवर लाइन का प्रस्ताव छह माह पहले भेजा गया
इस समस्या के मद्देनजर जल निगम ने मैनावती मार्ग में नए सिरे से गहरी सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को छह माह पहले भेजा है। इसमें धनऊपुरवा में इंटरमीडिएट सीवेज पंपिंग स्टेशन निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। इस कार्य की अनुमानित लागत 32 करोड़ रुपये है।

एमडी के नेतृत्व में कमेटी गठित
शासन ने इस कार्य को स्वीकृत या अस्वीकृत करने से पहले जल निगम के एमडी की अध्यक्षता में आंकलन कमेटी गठित की। कमेटी में जल निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक, जल निगम के मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग के महाप्रबंधक आदि शामिल हैं। इस कमेटी ने आठ दिसंबर को मौका मुआयना भी किया था।

न्यू कानपुर सिटी सहित कई योजनाएं प्रस्तावित
मैनावती मार्ग से सिंहपुर रोड और वहां से कल्याणपुर की तरफ केडीए की न्यू कानपुर सिटी योजना विकसित करने के लिए काम शुरू हो गया है। आजादनगर में एनआरआई सिटी टाउनशिप विकसित हो गई है। मैनावती मार्ग और उसके आसपास कई बिल्डर अपार्टमेंट भी बनवा रहे हैं। एक अन्य बिल्डर ने टाउनशिप, आईटी सिटी विकसित करने का प्रस्ताव इंवेस्टर्स समिट में प्रस्तुत किया था।

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मैनावती मार्ग और उसके समानांतर बिछी गहरी सीवर लाइन चोक है। इससे गंदा पानी बनियापुरवा एसटीपी में नहीं पहुंच रहा है। वहां नई सीवर लाइन बिछाने के लिए शासन को 32 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजा है। -विशाल सिंह, अधिशासी अभियंता (शहरी), जल निगम

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