न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। कानपुर और आसपास का क्षेत्र कोहरे की चादर से ढक गया। मंगलवार सुबह नौ बजे तक घने कोहरे की वजह से दृश्यता 9.6 किलोमीटर रही। सामान्य दृश्यता 15 किलोमीटर मानी जाती है। इसके चलते वंदेभारत, शताब्दी जैसी वीआईपी समेत 35 ट्रेनें घंटों लेट रहीं। बता दे कि दिन में धूप की वजह से अधिकतम तापमान एक दिन पहले की तरह 23.8 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान जरूर एक डिग्री गिरकर 7.8 पर आ गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक इसी तरह कोहरे और धुंध वाला मौसम रहने की संभावना है। हाईवे पर वाहन चलाते समय सावधानी रखने की सलाह दी गई है। इस बीच हवा चलने की वजह से ठंड और बढ़ सकती है। बता दे कि अगले सप्ताह हल्की बूंदाबांदी वाला मौसम बन रहा है। हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 94 और न्यूनतम 65 प्रतिशत रही।
कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार को किया धीमा
घने कोहरे के कारण परिवहन सेवाएं पटरी से उतर गई हैं। ट्रेनें और रोडवेज बसें घंटों लेट रहीं। वंदे भारत, शताब्दी, राजधानी, श्रमशक्ति समेत 35 ट्रेनें 10 से 12 घंटे की देरी से पहुंचीं। बनारस जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 10:08 बजे के बजाय सेंट्रल पर दोपहर पौने एक बजे आई। वापसी में यह ट्रेन दो घंटे लेट रही। इसी तरह सुबह 11:23 बजे आने वाली स्वर्ण शताब्दी दो घंटे बाद दोपहर 1:23 बजे सेंट्रल आई। दिल्ली से आने वाली श्रमशक्ति एक्सप्रेस सुबह 6:15 बजे के बजाय छह घंटे देरी से दोपहर 12:25 बजे आई। इससे दो हजार से अधिक रेल यात्रियों ने टिकट निरस्त कराए।
इन ट्रेनों ने भी घंटों इंतजार कराया
12512 कोचुवेली-गोरखपुर एक्सप्रेस साढ़े 11 घंटे, 15066 पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, 12274 नई दिल्ली-हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस सवा तीन घंटे, 12566 नई दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस चार घंटे, 15707 कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस ढाई घंटे, 02570 नई दिल्ली-दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, 12878 नई दिल्ली-रांची गरीबरथ साढ़े तीन घंटे, भुवनेश्वर, सियालदह और कोलकाता राजधानी तीन से चार घंटे लेट रही।
जानें कौन सी ट्रेन हुई लेट
बता दे कि 15046 ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे की देरी से आई। इसके अलावा जोधपुर-हावड़ा, अलीपुरद्वार-दिल्ली महानंदा, रांची-आनंद विहार झारखंड संपर्कक्रांति, आनंदविहार-जोगबनी सीमांचल, कालका-हावड़ा नेताजी, आनंद विहार-भुवनेश्वर उड़ीसा संपर्कक्रांति, गरबा एक्सप्रेस, जोगबनी-आनंद विहार सीमांचल, आनंदविहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस और कामाख्या-आनंद विहार नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस दो से तीन घंटे की देरी से सेंट्रल आईं और गईं।
धीमी गति से चलीं बसें
कोहरे की वजह से बसें रेंगते हुए आईं। 15 से 30 किमी की रफ्तार से ड्राइवर धीरे-धीरे बसों को लेकर आए। इस वजह से दिल्ली, आगरा, झांसी, गोरखपुर, बनारस, अयोध्या, देवरिया और प्रयागराज की रात वाली बसें सुबह पहुंचीं। सुबह पहुंचने वाली बसें दोपहर में आईं। सुबह पांच से आठ बजे तक जाने वाली बसें यात्रियों की कमी की वजह से 10 बजे के बाद रवाना की गईं। लखनऊ, प्रयागराज, फतेहपुर, इटावा जाने वाले डेली यात्रियों को भी परेशानियां हुईं। इसके अलावा सूरत, अहमदाबाद, भोपाल, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, झांसी समेत दूसरे राज्यों से आने वाली निजी बसें भी सुबह के बजाय दोपहर में आईं।
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कोहरे की वजह से ट्रेनों और बसों के लेट होने से दैनिक यात्रियों और कर्मचारियों के कामकाज पर प्रभाव पड़ा। सुबह समय से ऑफिस नहीं पहुंच सके। प्राइवेट कर्मचारियों की तो हाफ ड्यूटी की हाजिरी लगी। रेलवे और रोडवेज कोहरे का कोई हल खोज नहीं सका है। -निखिल तिवारी, प्रवक्ता, कानपुर-लखनऊ एमएसटी मित्र समिति
आईएलएस से फ्लाइट पर नहीं पड़ा असर
कानपुर से संचालित दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू की फ्लाइट पर कोहरे का असर नहीं पड़ा। तीनों विमान सेवाएं अपने समय से कानपुर एयरपोर्ट आईं और गईं। इमरजेंसी लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के अपग्रेड होने से कम दृश्यता का असर नहीं पड़ा। पहले कमजोर क्षमता के आईएलएस से दिन में संचालित फ्लाइट भी निरस्त कर दी जाती थीं। बहरहाल, रात में अभी कॉमर्शियल फ्लाइट नहीं हैं और एक जनवरी से कानपुर-बंगलूरू की विमान सेवा भी बंद हो रही है। कानपुर एयरपोर्ट के निदेशक संजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को तीनों फ्लाइटें समय से आईं और गईं।

