कश्मीर के अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने अब सोशल मीडिया ‘एक्स’ के अपने प्रोफ़ाइल से ‘हुर्रियत चेयरमैन’ का पद हटाने के पीछे की वजह अब बताई है।
और फिर उन्होंने एक्स पर अपने एक पोस्ट में ये भी लिखा, कुछ समय से अधिकारी मुझ पर हुर्रियत चेयरमैन के तौर पर मेरे एक्स हैंडल में बदलाव के लिए लगातार दबाव भी डाल रहे थे।
इसके साथ ही हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के सभी घटक, जिसमें अवामी एक्शन कमेटी भी शामिल है, जिसका मैं प्रमुख हूँ।
और फिर वे यूएपीए के तहत प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, जिससे हुर्रियत एक प्रतिबंधित संगठन भी बन गया है। और फिर ऐसा न करने पर वे मेरा हैंडल भी बंद कर देते।
और फिर आगे उन्होंने लिखा, ऐसे समय में जब सार्वजनिक जगह और बातचीत के रास्ते बहुत ही सीमित हो गए हैं।
यह प्लेटफॉर्म मेरे लिए लोगों तक पहुँचने और हमारे मुद्दों पर अपने विचार दुनिया के साथ साझा करने के बहुत ही कम बचे हुए तरीक़ों में से एक है।
और फिर ऐसे में मेरे पास कोई अन्य रास्ता भी नहीं था। फिर इसके अलावा मीरवाइज़ के एक्स हैंडल पर दिख रहे नए बायो में सिर्फ़ उनका नाम और बेसिक लोकेशन की जानकारी भी है।
और फिर एक्स पर उनके दो लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स भी हैं। इसके साथ ही मीरवाइज़ के संगठन ‘अवामी एक्शन कमेटी’ पर केंद्र सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध भी लगा दिया है।