जानिए क्या 2000 रुपये से अधिक के UPI लेन-देन पर देना होगा GST, सरकार ने शुक्रवार को कहा कि 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर वस्तु एवं सेवा कर लगाने का काई प्रस्ताव नहीं है।
और ऐसे किसी भी प्रस्ताव की बात भ्रामक और निराधार है। साथ ही वित्त मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा कि इस तरह के दावे ‘पूरी तरह से झूठे, भ्रामक और निराधार हैं’ कि सरकार यूपीआई लेन-देन पर इस तरह जीएसटी लगाने का विचार कर रही है।
और बयान में कहा गया है, “सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।” साथ ही बयान में कहा गया है कि कुछ उपकरणों का उपयोग करके किए गए भुगतानों से संबंधित मर्चेंट डिस्काउंट रेट जैसे शुल्कों पर ही जीएसटी लगाया जाता है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 30 दिसंबर 2019 को राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यापारी को यूपीआई से भुगतान पर एमडीआर हटा चुका है।
और इसके अलावा मंत्रालय ने कहा है,“चूंकि वर्तमान में यूपीआई लेनदेन पर कोई एमडीआर लगाया ही नहीं जाता है, ऐसे इन लेन-देन पर कोई जीएसटी लागू ही नहीं किया जा सकता है।”
और इसके साथ ही बयान में कहा गया है कि सरकार यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। और भारत में यूपीआई लेन-देन में तेजी से वृद्धि देखी गई है।
साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 में यूपीआई के जरिए कुल भुगतान 21.3 लाख करोड़ रुपये से था जो चालू मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में बढ़ कर 260.56 लाख करोड़ रुपये तक भी पहुंच गया।