न्यूज़लिंक हिंदी। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे उपद्रव में सैंकड़ों राजस्थानी छात्र भी बुरी तरह से फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि राजस्थान के अलग अलग जिलों के करीब 500 से ज्यादा छात्र छात्राएं बिश्केक में फंसे हुए हैं। ये छात्र मेडिकल स्टूडेंट हैं जो अलग अलग कॉलेजों से एमबीबीएस कर रहे हैं।
इन मेडिकल स्टूडेंट्स ने भारत सरकार से गुहार की है कि उन्हें सुरक्षित भारत लाया जाए। नागौर, अजमेर, बांसवाड़ा, और दौसा सहित कई जिलों के छात्रों ने अपने स्थानीय विधायकों से भी फोन पर बात की और मदद करने का आग्रह किया। किर्गिस्तान में हुई हिंसा के बाद इन मेडिकल छात्र-छात्राओं के परिजन भी परेशान हैं।
पिछले दिनों बिश्केक में तीन पाकिस्तानी छात्रों की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद स्थानीय छात्रों और इजिप्शियन छात्रों में झगड़े शुरू हो गए। यह मामला तूल पकड़ता गया और विदेशी छात्र स्थानीय लोगों के निशाने पर आ गए। किर्गिस्थान के छात्रों ने कई देशों के स्टूडेंट्स को टारगेट बनाना शुरू कर दिया है।
भारतीय छात्रों का मुख्य रूप से कहना है कि स्थानीय लोग उन्हें टारगेट करके हमला करते हैं। एहतियात के दौरान कॉलेजों में छुट्टियां कर दी गई है और छात्र छात्राओं को हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई है।
पूर्व सांसद और खींवसर के विधायक हनुमान बेनीवाल भारत सरकार से मुख्य रूप से मांग की है कि वे हिंसा और उपद्रव में फंसे भारतीय छात्रों की तत्काल मदद करें। बेनीवाल ने कहा कि किर्गिस्तान हिंसा मे नागौर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों के छात्र फंसे होने की जानकारी संज्ञान में आ रही है। हिंसा से प्रभावित छात्रों की मदद त्वरित प्रभाव से करने का आग्रह भी किया गया है।

