न्यूज़लिंक हिंदी। कांग्रेस पार्टी ने इस बार भाजपा से मुकाबले के लिए INDIA गठबंधन बनाया है। सहयोगियों के लिए उसे कई सीटें छोड़नी पड़ी हैं। त्याग देना पड़ा है. हालांकि एक सीट पर ऐसा समीकरण बना कि कांग्रेस के गांधी परिवार के सदस्य ही अपनी पार्टी को वोट नहीं दे पाएंगे। जी हां, यह पहली बार होगा जब राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी कांग्रेस को वोट नहीं दे पाएंगे।
दरअसल, ऐसा पहली बार होगा जब दिल्ली में नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य अपनी ही पार्टी को मत नहीं दे सकेंगे। बता दे की दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी से गठबंधन के बाद कांग्रेस ने उस सीट को भी आप की झोली में डाल दिया है, जहां से उसके शीर्ष नेता मतदाता हैं।
लगातार सिमट रहे दायरे के बीच कांग्रेस क्षेत्रीय दलों पर निर्भर होती जा रही है। जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला भाजपा है, वहां स्थिति कुछ ठीक हैं, लेकिन क्षेत्रीय या तीसरे दल की उपस्थिति होते ही कांग्रेस कमजोर दिखने लगती है। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी का हाल राष्ट्रीय राजधानी में भी ठीक नहीं है।
दरअसल, सीट शेयरिंग में कांग्रेस ने गांधी परिवार वाली नई दिल्ली सीट अरविंद केजरीवाल की पार्टी को दे दी है। AAP नई दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि कांग्रेस को तीन सीटें मिली हैं। इनमें चांदनी चौक, उत्तर पूर्वी दिल्ली और उत्तर पश्चिमी दिल्ली शामिल हैं। गांधी परिवार जिस नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का वोटर है, वह कांग्रेस का कभी गढ़ हुआ करता था लेकिन 2014 में चली मोदी लहर ने सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए। इस बार यहां से भाजपा की बांसुरी स्वराज उम्मीदवार हैं और आम आदमी पार्टी ने सोमनाथ भारती को उतारा है।

