मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा का दतिया का अब विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट कट गया है।
फिर जिसके बाद उनके समर्थकों ने दतिया में विरोध प्रदर्शन किया और आज सुबह पुलिस पर भी पथराव भी किया।
फिर नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने बीती रात नेशनल हाईवे-44 को जाम भी कर दिया, जिससे लंबी दूरी तक वाहनों की क़तार भी लग गई और यातायात पूरी तरह ठप भी हो गया।
और दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा, यह जाम सुबह 5 बजे तक लगा रहा। और फिर क़रीब 11 घंटे तक चला।
फिर जाम 20 से 25 किलोमीटर तक फैला हुआ था। फिर इससे चार ज़िले प्रभावित हुए- दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर भी।
और इनमें सबसे ज़्यादा असर ग्वालियर पर भी पड़ा। फिर कई बसें और एंबुलेंस भी जाम में फंस गई थीं।
फिर आगे उन्होंने कहा, हमने पूरी रात प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे।
और सुबह क़रीब 4 बजे हमने फिर से पुलिस बल बुलाया। और फिर उन्हें दोबारा समझाने की कोशिश भी की, लेकिन कोई फ़ायदा भी नहीं हुआ।
और फिर इसके बाद उनकी तरफ़ से पथराव भी शुरू हो गया। फिर भीड़ को पीछे हटाने के लिए हमने आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारी दफ़्तर की इमारत के अंदर चले गए और वहीं से फिर पथराव भी करने लगे। फिर हमारे आठ पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल भी हुए।
और एसडीपीओ के हाथ में गंभीर चोट भी आई। इसके अलावा एसपी और एएसपी भी घायल हुए। फिर मेरे सिर पर भी लगी, हालांकि मैंने हेलमेट पहन रखा था।
साथ ही वानखेड़े ने ये भी बताया कि कई वाहनों को पलट दिया गया और उनके शीशे तोड़ भी दिए गए।
फिर पुलिस की तीन-चार गाड़ियों और कई ट्रकों के शीशे भी तोड़े गए, जिससे बड़े स्तर पर हिंसा भी हुई।
फिर उन्होंने कहा, इतना सब होने के बावजूद दतिया प्रशासन और पुलिस ने न तो लाठीचार्ज भी किया और न ही जवाब में पथराव भी किया।
फिर हमने पूरी कोशिश भी की कि मामला शांति से सुलझ जाए, लेकिन जब वे नहीं माने तो हमें आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा।
इसके अलावा दतिया के कलेक्टर ने ये भी कहा कि फ़िलहाल हम अंदर मौजूद प्रदर्शनकारियों से बाहर आने की अपील भी कर रहे हैं।
फिर अगर वे एक-एक करके बाहर भी आते हैं और अपने घर चले जाते हैं, तो हमें कोई परेशानी भी नहीं है, हम उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई भी नहीं करना चाहते।
फिर आगे उन्होंने कहा, लेकिन अगर वे बात नहीं मानते और पांच-दस लोगों के समूह में बाहर आने की कोशिश भी करते हैं, तो हम सख़्त कार्रवाई करने के लिए तैयार भी हैं। और फिर हम इस स्थिति से सख़्ती से निपटेंगे।
साथ ही नरोत्तम मिश्रा दतिया से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं लेकिन पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने हरा भी दिया था।
फिर दतिया में उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द होने की वजह से होने भी जा रहा है।
इसके अलावा साल 1998 के बैंक धोखाधड़ी के मामले में ही दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राजेंद्र भारती को तीन साल की सज़ा भी सुनाई थी।