कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने पर कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार की हताशा और पाखंड को दर्शाता है

पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है। वहीं कांग्रेस ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करना भले ही मोदी सरकार की हताशा और पाखंड को दर्शाता है, लेकिन कांग्रेस पार्टी इसका स्वागत करती है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है। वहीं कांग्रेस ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करना भले ही मोदी सरकार की हताशा और पाखंड को दर्शाता है, लेकिन कांग्रेस पार्टी इसका स्वागत करती है।

बता दे कि कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- ‘सामाजिक न्याय के प्रणेता जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न दिया जाना भले ही मोदी सरकार की हताशा और पाखंड को दर्शाता है, फिर भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने का स्वागत करती है।

उन्होंने आगे कहा कि सभी वर्गों को भागीदारी देने के लिए जातिगत जनगणना कराना ही सही मायनों में जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को सबसे उचित श्रद्धांजलि होती, मगर मोदी सरकार इससे भाग रही है।

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कर्पूरी ठाकुर का जीवन परिचय
कर्पूरी ठाकुर को जननायक कहकर संबोधित किया जाता है। उनका जन्म समस्तीपुर जिले के पितौंझिया गांव में नाई समाज में 24 जनवरी 1924 को हुआ था। वह साल 1952 में पहली विधायक चुने जाने के बाद आजीवन वह किसी न किसी सदन के सदस्य रहे।1970-79 के बीच बिहार के दो-दो बार मुख्यमंत्री और बाद में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। अपने जीवनकाल में कर्पूरी ठाकुर के इतने अहम पदों पर रहने बावजूद उनके पास न तो घर था और ना ही कोई गाड़ी। यहां तक कि उनके पास अपनी पैतृक जमीन भी नहीं थे। बता दे कि कर्पूरी का निधन 64 वर्ष की उम्र में 17 फरवरी 1988 को हुआ था। ठाकुन ने जीवित रहने तक उन्होंने अपने परिवार के किसी सदस्य को राजनीति में नहीं आने दिया।

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