आज होली और जुमे के मौके पर जहां देश भर में होली का पर्व मनाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ जुमे की नमाज भी है। और होली का पर्व भाईचारे की मिसाल पेश करने के लिए ही जाना जाता है।
और होली के दिन कानून व्यवस्था को कोई हाथ में ना लें और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश भी ना करें, ये सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली से लेकर यूपी तक और देश के अन्य राज्यों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।
और यूपी से लेकर देश के कई शहरों में पुलिस हाई अलर्ट पर है। और इस मौके पर दिल्ली मे भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं। और जिन इलाकों में आज जुमे की नामाज भी होनी है वहां विशेष कर पुलिस की तैनाती को पहले के मुकाबले बढ़ाई गई है।
और ये भी कहा जा रहा है कि इस बार होली और रमजान संयोग से एक साथ पड़ रहे हैं,और ऐसा संयोग आज से 64 साल पहले ही बना था। और इस मौके पर जमकर राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है।
लेकिन इन सब के बीच स्थानीय प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार दिख रही है। और सभी तरह के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं और सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजर भी रखी जा रही है।
होली और जुम्मे की नमाज को लेकर शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने बुधवार को महत्वपूर्ण घोषणा भी की। और उन्होंने बताया कि होली के दिन 14 मार्च को जुम्मे की नमाज का समय 2:30 बजे ही निर्धारित किया गया है।
और उन्होंने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों से भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील भी की। इसके साथ ही सदर जफर अली एडवोकेट ने दोनों समुदायों के लोगों से अपील करते हुए कहा कि होली और जुम्मे की नमाज को लेकर हमें भाईचारे का वातावरण भी बनाए रखना है।
और होली के रंग वाली जगह पर खड़े न हों, क्योंकि शरारती तत्व दोनों समुदायों में होते हैं। इसलिये रंग वाली जगहों पर न जाएं, ताकि कोई अप्रिय घटना बिल्कुल भी न घटे।
और सदर जफर अली ने प्रशासन द्वारा मस्जिदों को तिरपाल से ढंकने के कदम पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की एक अच्छी पहल है, क्योंकि पहले भी मस्जिदों को तिरपाल से ढंका गया था ।
और अब फिर से प्रशासन और पुलिस की तरफ से इस कदम को भी उठाया गया है। और यह कदम मस्जिदों की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के मुख्य उद्देश्य से भी उठाया गया है।