न्यूजलिंक नेशनल डेस्क।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की नई इमारत में पवित्र सेंगोल की स्थापना की। इसदौरान उन्होंने कहा कि महान चोल साम्राज्य में सेंगोल को कर्तव्य पथ का, सेवा पथ का, राष्ट्रपथ का प्रतीक माना जाता था। राजाजी और आदिनम के संतों के मार्गदर्शन में यही सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक बना था। तमिलनाडु से विशेष तौर पर आए हुए आदिनम के संत आज सुबह संसद भवन में हमें आशीर्वाद देने उपस्थित हुए। मैं उन्हें पुनः नमन करता हूं। उनके ही मार्गदर्शन में लोकसभा में यह पवित्र सेंगोल स्थापित हुआ है। बीते दिनों में मीडिया में इससे जुड़ी काफी जानकारी प्रकाशित हुई है। मैं मानता हूं कि यह हमारा सौभाग्य है कि इस पवित्र सेंगोल की गरिमा हम लौटा सकें।
#WATCH | It is our good fortune that we have been able to restore the pride of the holy 'Sengol'. Whenever proceedings start in this House the 'Sengol' will inspire us: PM Modi in the new Parliament pic.twitter.com/6E2F9f2RSp
— ANI (@ANI) May 28, 2023
पीएम ने कहा कि यह नया भवन नूतन और पुरातन के सह-अस्तित्व का भी आदर्श है। साथियों नए रास्तों पर चलकर ही नए प्रतिमान गढ़े जाते हैं। आज नया भारत, नए लक्ष्य तय कर रहा है। नए रास्ते गढ़ रहा है। नया जोश है, नई उमंग है। नया सफर है, नई सोच है।

दिशा नई है, संकल्प नया है। और आज फिर एक बार पूरा विश्व भारत को भारत के संकल्प की दृढ़ता को, भारतवासियों की प्रखरता को, भारत की जनशक्ति की जीजीविषा को आदर और उम्मीद के भाव से देख रहा है। जब भारत आगे बढ़ता है, तो विश्व आगे बढ़ता है। संसद का नया भवन भारत के विकास से विश्व के विकास का भी आह्वान करेगा।

