न्यूज़लिंक हिंदी, काशी। 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसके लिए पूरे देश में जोरों से तैयारियां चल रहीं हैं। काशी में भी उल्लास है। यहां इस खास दिन पर हर घर को रोशन करने की तैयारी है। काशी से अयोध्या को जोड़ने वाली गंगा-जमुनी तहजीब की बानगी देखने को मिलेगी। न सिर्फ हिन्दुओं के बल्कि मुस्लिमों के घरों में भी भगवान राम के नाम के दीप जलाए जाएंगे।
काशी की दो मुस्लिम महिलाएं अयोध्या के राममंदिर से राम ज्योति लेकर काशी आएंगी। ये महिलाएं कई साल से भगवान राम की भक्त हैं। इनका नाम है डॉ. नाजनीन अंसारी और डॉ. नजमा परवीन, ये राम ज्योति गंगा-जमुनी तहजीब की नजीर बनेगी।
ऐसी खूबसूरत चीज देखने को मिलने वाली है
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां चल रहीं हैं। सरकार इस कार्यक्रम को भव्य तरीके से आयोजित करने की तैयारी में है। इसके साथ ही देशभर के लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखने देखने को मिल रहा है। बता दे कि लगभग 500 साल की लड़ाई के बाद राममंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है।
इसी बीच एक ऐसी खूबसूरत चीज देखने को मिलने वाली है, जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। मुस्लिम महिला मंच की नेशनल सदस्य डॉ. नाजनीन अंसारी राम ज्योति लाने के लिए शनिवार (आज) को अयोध्या जाने वाली हैं. उनके साथ भारतीय आवाम पार्टी की नेशनल सदस्य डॉ. नजमा परवीन भी जा रहीं हैं।
भगवान राम की थी और उन्हीं की रहेगी
मुस्लिम महिला मंच की नेशनल सदस्य डॉ. नाजनीन अंसारी और भारतीय आवाम पार्टी की नेशनल सदस्य डॉ. नजमा परवीन शुरू से ही राम मंदिर के पक्ष में बोलती रहीं हैं। इनका कहना है कि अयोध्या भगवान राम की थी और उन्हीं की रहेगी। इन दोनों ने ही विवादित ढांचे के पक्षकार रहे हाशिम अंसारी से जाकर अयोध्या में मुलाकात की थी।
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इस दौरान इन्होंने राम मंदिर के पक्ष में अपनी बात कही थी। इनकी राम भक्ति का एक वाकया और है। साल 2006 में संकट मोचन मंदिर में बम विस्फोट हुआ था। उस दौरान काशी में शांति और सौहार्द के लिए इन दोनों महिलाओं ने 70 मुस्लिम महिलाओं के साथ संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। ये महिलाएं राम नवमी पर प्रति वर्ष भगवान राम की विशेष आरती भी करती हैं।

