न्यूज़लिंक हिंदी, प्रयागराज। रविवार को शातिरों ने संबलपुर से जम्मूतवी जाने वाली अप 18309 मूरी एक्सप्रेस को बेपटरी करने के लिए ट्रैक पर पत्थर रख दिया था। पत्थर से टकराने के बाद तेज आवाज हुई लेकिन ट्रेन सुरक्षित आगे बढ़ती चली गई। चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया। ट्रेन रोककर जांच पड़ताल की गयी और इसके बाद अधिकारियों को जानकारी दी। उत्तर मध्य रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने पुलिस से शिकायत की है।
पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की शुरू
जानकारी के लिए बता दे की प्रयागराज शहर से दूर कौशाम्बी जिले की सीमा के पास छबीलेपुर गांव के पास रेल प्रयागराज से दिल्ली जाने वाले रेल रूट पर रविवार की दोपहर मूरी एक्सप्रेस ट्रेन गुजर रही थी। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर 1.7 मीटर लंबा कंक्रीट से बना हुआ बाउंड्री वाला खम्भा पटरी पर पड़ा था। किसी ने ट्रेन को पलटाने के लिए यह साजिश रची थी। ट्रेन पत्थर से टकराई, तेज आवाज भी हुई, लेकिन शुक्र था कि बेपटरी नहीं हुई।
चालक ट्रेन रोककर नीचे उतरा। इसके बाद अफसरों को इसकी जानकारी दी। एनसीआर के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अनुज सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। देखा तो कंक्रीट के खंभे के टुकड़े मौके पर पड़े मिले, उन्होंने साजिश की आशंका देखते हए परामफ्ती थाने में तहरीर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रेन को बेपटरी कराने के लिए ऐसा किया था
रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अनुज सिंह ने तहरीर में लिखा है कि दोपहर पौने तीन बजे उन्हें सूचना मिली कि 18309 अप मूरी एक्सप्रेस के जम्मू जाते समय कौशांबी जिले के छबीलेपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक पर कंक्रीट के पत्थर से बना हुआ खम्भा पटरी पर रखा गया था। वह ट्रेन से टकराकर टूट गया। किसी ने ट्रेन को बेपटरी कराने के लिए ऐसा किया था। पुलिस केस दर्ज कर ऐसा करने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
पटरी पर इतना बड़ा पत्थर रखने से बड़ा हादसा हो सकता था। यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। तहरीर में ट्रैक पर रखे गए पत्थर का साइज 1.7 मीटर लंबा बताया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों के साथ ही सीसीटीवी और मुखबिर के जरिए आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।
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