न्यूज़लिंक हिंदी। इस साल हज के दुनियाभर से करीब 20 लाख मुसलमान सऊदी हज करने के लिए पहुंचेंगे। सऊदी सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियां परिचालन योजनाओं को लागू करने के लिए सहयोग कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाजियों को कोई भी दिक्कत ना हो। इसके लिए सऊदी सरकार ने परमिट और टैग सिस्टम भी शुरू कर दिया है। ये सिस्टम हाजियों के लिए आसानी करेगा तो अवैध रूप से हज करने की कोशिश करने वालों को मुख्य रूप से रोकेगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल रमजान के दौरान उमरा करने के लिए करीब 30 लाख मुसलमान पहुंचे थे। वहीं पिछले साल दुनियाभर से करीब 18 लाख मुसलमान हज के लिए सऊदी पहुंचे थे। ऐसे में एजेंसियों को इस वर्ष हज के लिए भी तीर्थयात्रियों के रिकॉर्ड काफी संख्या में आने की उम्मीद है। इस साल सऊदी हज मंत्रालय के 3,500 कर्मचारियों को मदीना आने और जाने वाले तीर्थयात्रियों की देखभाल करने का काम भी सौंपा गया है।
मक्का में प्रवेश करने के लिए संबंधित अधिकारियों से परमिट लेना जरूरी होगा। ये व्यवस्था शनिवार, 4 मई से प्रभावी हो गई है। मक्का की ओर जाने वाले रास्तों की चौकियों पर चेकिंगव होगी और उचित परमिट के बिना जाने वाले व्यक्तियों को मुख्य रूप से लौटा भी दिया जाएगा। महानिदेशालय की ओर से कहा गया है कि उमरा या हज करने के लिए भी परमिट की आवश्यकता होगी।
ये नया नियम हज सीजन के दौरान तीर्थयात्रियों और निवासियों की आमद को व्यवस्थित करने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का मुख्य प्रयास किया गया है। सऊदी हज और उमरा मंत्रालय ने नुसुक कार्ड टैग लॉन्च किया है, जो हज तीर्थयात्रा के लिए बहुत ही उपयोगी होगा। हज और उमरा मंत्री डॉ. तौफीक अल रबिया ने नुसुक कार्ड जारी किया है।
हज के सीजन के दौरान पाक जगाहो में हाजियों की एंट्री के लिए ये टैग लॉन्च किया है। नुसुक कार्ड को हर हाजी को दिया जाएगा, इसका एक डिजिटल वर्जन भी होगा। नुसुक कार्ड में हर एक तीर्थयात्री का व्यापक डेटा भी शामिल है। इस कार्ड को हज के लिए आने वाले यात्रियों को पवित्र स्थानों में जाते समय, मक्का शहर और उसके आसपास जाने के लिए अपने साथ ही रखना होगा।
इस कार्ड के जरिए आसानी से अधिकारी हज यात्री की पहचान कर सकेंगे और किसी भी फर्जी यात्री की एंट्री को मुख्य रूप से जा रोका भी जा सकेगा।
नुसुक कार्ड तीर्थयात्रा वीजा जारी होने के बाद संबंधित हज कार्यालयों द्वारा विदेशी तीर्थयात्रियों को सौंप दिया जाएगा। हज मंत्रालय ने नुसुक कार्ड को एक आधिकारिक मुद्रित कार्ड भी कहा है, जिसका उद्देश्य पवित्र स्थानों पर वैध तीर्थयात्रियों की पहचान है।

