न्यूजलिंक हिंदी, कानपुर। सपा विधायक इरफान सोलंकी का गुरुवार को कोर्ट में एक बार फिर मुस्कुराता हुआ चेहरा दिखा। कड़ी सुरक्षा में महराजगंज जेल से एमपी एमएलए निचली कोर्ट में पेश किए गए इरफान सोलंकी ने कोर्ट के अंदर दाखिल होने से पहले शायराना अंदाज में कहा कि मेरे साथ फैसला नहीं, इंसाफ होगा। याद रखना। इस दौरान उनसे मिलने पूरा परिवार भी पहुंचा।
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इरफान की गुरुवार को दो मामलों में कोर्ट में पेशी हुई। आगजनी मामले में सेशन कोर्ट में अभियोजन की तरफ से बहस की गई। इसमें विधायक के बयान भी दर्ज हुए। कोविड काल वर्ष-2022 के दौरान चमनगंज थाने में दर्ज सरकारी कार्य में बाधा व आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में इरफान पर पहले ही तय किए जा चुके हैं।
विधायक के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि कोर्ट में इरफान ने बयान दर्ज कराते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की गईं हैं। उनकी कोई गलती नहीं थी। कोर्ट में विधायक की पत्नी नसीम सोलंकी, मां खुर्शीदा बेगम व बच्चे उनसे मिलने पहुंचे थे।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के अनुसार इरफान को गुरुवार को दो मामलों में कोर्ट में पेश किया गया था। पहला मामला वर्ष 2022 में कोरोनाकाल में सरकारी कार्य में बाधा व आचार संहिता उल्लंघन का है। इसमें एमपीएमएलए की आलोक यादव की लोअर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में इरफान पर पहले ही आरोप तय हो चुके हैं। अब इनमें गवाही दर्ज की जा रही है। वहीं दूसरा मामला आगजनी का था। जहां सेशन कोर्ट में अभियोजन की तरफ से बहस की गई। इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी और उनके गैंग के साथियों को भी कोर्ट में पेश किया गया। आगजनी मामले में एमपीएमएलए की सेशन कोर्ट में अब 30 अक्टूबर को फिर सुनवाई होगी।
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उन्होंने बताया कि आगजनी से संबंधित मुकदमे में सभी गवाही पूरी हो चुकी है। इसी बीच रिजवान की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जो अभी लंबित है। फैसला आने तक बचाव पक्ष सुनवाई टालने की कोशिश में लगा था, लेकिन पिछले दिनों कोर्ट ने सफाई साक्ष्य का अवसर खत्म करके अभियोजन को बहस शुरू करने के निर्देश दे दिए थे। सुनवाई पूरी होने के बाद इरफान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच महराजगंज जेल के लिए रवाना कर दिया गया।
नौ गवाहों के बयान पढ़कर सुनाए जा चुके
नौ गवाहों के बयान पढ़कर सुनाए जा चुके हैं। इसके बाद एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने कोर्ट में बहस शुरू करा दी थी। दो दिन चली बहस में नौ गवाहों के बयान पढ़कर सुनाए जा चुके हैं। अभियोजन की बहस अपने अंतिम दौर में है। मामले में रिजवान सोलंकी, हिस्ट्रीशीटर शौकत अली, मोहम्मद शरीफ, हिस्ट्रीशीटर इसराइल आटे वाला व अन्य भी आरोपी हैं।
पढ़िये कैसे शुरू हुआ था बवाल
जाजमऊ थानाक्षेत्र स्थित डिफेंस कॉलोनी में नजीर फातिमा के प्लॉट पर सात नवंबर वर्ष 2022 को आगजनी कर दी गई थी। पीड़ित नजीर फातिमा ने आरोप लगाया था कि सपा विधायक और उनके भाई प्लॉट पर कब्जा करना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने प्लॉट में आग लगा दी थी। इस मामले में जाजमऊ थाने में विधायक इरफान व उनके भाई पर संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।

