न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तराखंड विधानसभा का सत्र आज यानी 5 फरवरी से शुरू हो रहा है। इस सत्र में समान नागरिक संहिता का विधेयक भी पेश किया जा सकता है। माना जा रहा है कि सीएम धामी खुद यह विधेयक विधानसभा में पेश करेंगे। यूसीसी के संबंध में कानून पारित करने के लिए 5-8 फरवरी तक विधानसभा का चार-दिवसीय विशेष सत्र आहूत किया गया है। तो वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में यूसीसी का विरोध भी देखने को मिल रहा है।

रविवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी के सरकारी आवास पर कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी। बैठक में चर्चा के बाद यूसीसी ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी गई। हालांकि, शनिवार को भी कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी, लेकिन पहले दिन इस पर चर्चा नहीं हो पाई थी। मंगलवार को यूसीसी ड्राफ्ट को मंजूरी मिलने के बाद धामी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक ब्रीफिंग नहीं हुई।
मिली जानकारी के मुताबिक, यूसीसी को छह फरवरी को होने वाली राज्य कैबिनेट की अगली बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। पांच फरवरी से शुरू होने वाले चार दिवसीय विशेष सत्र के दौरान राज्य विधानसभा में पेश करने से पहले मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी की आवश्यकता है।
यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट के मसौदे में 740 पृष्ठ
यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट के चार खंडों में 740 पृष्ठों के मसौदे को उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को सौंपा था, जिसकी तस्वीरें भी मीडिया के सामने आई थीं।
देहरादून में यूनिफार्म सिविल कोड का विरोध
यूनिफार्म सिविल कोड के विरोध में देहरादून के पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद में मुस्लिम सेवा संगठन ने एक प्रेस वार्ता की, जिसकी अध्यक्षता शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी ने की। शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि यूसीसी केवल धर्म विशेष के विरुद्ध है।
यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा उत्तराखंड
कानून बनने के बाद उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। गोवा में पुर्तगाली शासन के दिनों से ही यूसीसी लागू है लेकिन उत्तराखंड में ये मंगलवार को विधानसभा से पास होने की उम्मीद है।

