न्यूज़लिंक हिंदी, लखनऊ। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया है। दिल्ली सीबीआइ ने हमीरपुर में हुए खनन घोटाले को लेकर वर्ष 2019 में दर्ज एफआइआर के तहत नोटिस देकर अखिलेश यादव को पूछताछ के लिए बुलाया है, हालांकि अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अखिलेश गुरुवार को दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश नहीं होंगे। 2019 में हमीरपुर में हुए 2012 से 2016 के बीच अवैध खनन का केस दर्ज किया गया था। इस केस में कई अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। सीएम अखिलेश यादव से उस समय की स्थिति की जानकारी ली जानी है।
समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप नने बताया- ‘अखिलेश यादव आज पार्टी कार्यालय लखनऊ में पीडीए की मीटिंग अटेंड कर रहे हैं। वह मीटिंग के अलावा कहीं नहीं जाएंगे।’
अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीसी की धारा-160 के तहत जारी नोटिस में एजेंसी ने अखिलेश यादव को 2019 में दर्ज मामले के संबंध में 29 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया था।
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मैं समझता हूं कि जब चुनाव आएगा, तो नोटिस भी आएगा
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के सबसे ज्यादा निशाने पर समाजवादी पार्टी ही है। 2019 में भी मुझे नोटिस भेजा गया था, तब भी लोकसभा का चुनाव था। अब जब चुनाव आ रहा है, तो फिर नोटिस मिल रहा है। मैं समझता हूं कि जब चुनाव आएगा, तो नोटिस भी आएगा। अखिलेश ने कहा, अगर पिछले 10 बरसों में बीजेपी ने बहुत काम किया है, तो वह घबराई हुई क्यों है?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘वह आरोपित नहीं हैं। वह गवाह हैं।’ इस खनन घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है। वहीं सपा के साथ-साथ कांग्रेस ने भी अखिलेश यादव को नोटिस जारी किए जाने को राजनीतिक कदम बताते हुए सरकार पर जांच एजेंसी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
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