न्यूज़लिंक हिंदी, लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को यूपी के बहुचर्चित अवैध खनन मामले में केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी (सीबीआई) की ओर से समन भेजा गया था। हालांकि जांच एजेंसी के सामने अखिलेश पेश नहीं हुए। बता दे कि इस पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई थी। उन्होंने कहा था कि ये समन उन्हें परेशान करने के लिए भेजा गया है।
चुनाव से पहले नोटिस क्यों भेजा गया?
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक ताजा जानकारी सामने आई है कि अखिलेश सीबीआई को जांच में सहयोग करने का आश्वासन देने के साथ सवाल किया कि आखिर उन्हें चुनाव से पहले नोटिस क्यों भेजा गया? उन्होंने लखनऊ में अथवा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज करने की बात लिखी है। सीबीआई को जवाब भेजने की पुष्टि अखिलेश ने खुद भी की है।
लीक करने का काम हम नहीं, भाजपा करती है
मीडियाकर्मियों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि सीबीआई का कागज आया था, मैंने जवाब भेज दिया गया है। पत्र में क्या लिखा है, यह आप लोग नोटिस भेजने वाले से पता कर लीजिए। लीक करने का काम हम नहीं, भाजपा करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस समय सबसे ज्यादा कमजोर है। वह संवैधानिक संस्थाओं का अपने प्रकोष्ठ की तरह प्रयोग कर रही है।
अखिलेश यादव को बतौर गवाह बुलाया है
जानकारी के लिए बता दे कि सीबीआई ने अखिलेश यादव को बतौर गवाह बुलाया है, इसलिए वह लखनऊ में आकर भी पूछताछ कर सकती है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज होना मुश्किल माना जा रहा है। जानकारों की मानें तो सीबीआई अखिलेश को 15 दिन बाद फिर से नोटिस देकर तलब कर सकती है। अगर वह दिल्ली जाकर जांच एजेंसी को अपना बयान नहीं देते हैं तो जांच अधिकारी लखनऊ आकर उनका बयान दर्ज कर सकता है।
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