फर्जी फर्म का अब पंजीकरण कराकर ही जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। फिर राज्य कर विभाग की जांच में खुलासा हुआ।
कि रिद्धी इंटरप्राइजेज नाम की फर्म ने कागजी लेनदेन दिखाकर ही 53.58 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्शाया।
और 9.64 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर सरकार को चूना भी लगाया। फिर इस मामले में फर्म के मालिक बसंत सिंह कुंवर के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
और फिर राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अखिलेश गौड़ के अनुसार, फर्म ने वर्ष 2025-26 में करीब 25.92 करोड़ रुपये की इनवर्ड सप्लाई और 27.65 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई भी दिखाई।
फिर इसी आधार पर इनवर्ड पर 4.66 करोड़ और आउटवर्ड पर 4.97 करोड़ रुपये का आईटीसी क्लेम कर पासऑन भी किया गया।
और फिर जांच में ये भी पाया गया कि जिन फर्मों से खरीद दिखाई गई, उनमें कई संदिग्ध और निलंबित भी थीं।
इसके साथ ही अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क कागजी कंपनियों के जरिए अवैध आईटीसी लाभ लेने के लिए तैयार किया गया था।
और फिर 9 अक्टूबर 2025 को गोमतीनगर विस्तार स्थित सुलभ आवास के पते पर जांच भी की गई।
और फिर जहां कोई फर्म संचालित भी नहीं मिली, और आसपास के लोगों ने भी ऐसी किसी इकाई के अस्तित्व से भी इनकार किया।
जांच में यह भी सामने आया कि पंजीकरण के लिए अपलोड किए गए किरायानामा, बिजली बिल और बैंक दस्तावेज संदिग्ध हैं।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर बैंक डिटेल समेत अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।