मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब समाजवादी पार्टी की सरकार का नाम लिए बगैर ही उस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति तक रोक दी थी।
और भाजपा सरकार बनने के बाद यह व्यवस्था फिर शुरू हुई और बकाया छात्रवृत्ति विद्यार्थियों तक पहुंचाई गई।
फिर आगे उन्होंने कहा कि पहले बाबूगीरी से भी छात्रवृत्ति में सेंध लगती थी, अब पूरी राशि डीबीटी के जरिये विद्यार्थियों के खातों में पहुंच रही है।
और इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि अगले महीने 50 हजार बेटियों को स्कूटर दिए जाएंगे।
अब गौरतलब है कि योगी सरकार ने भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादे के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली शीर्ष 50 हजार छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत ही मुफ्त में पेट्रोल चालित स्कूटर देने का निर्णय किया है।
साथ ही शनिवार को लोक भवन में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक क्लिक से 4,60,559 विद्यार्थियों के खातों में 148.04 करोड़ रुपये भेजे।
और 11 विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए, फिर इनमें पिछड़ा वर्ग के 2,23,615, अनुसूचित जाति के 1,59,959, सामान्य वर्ग के 38,084 और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थी शामिल हैं।
और इस योजना में कक्षा नौ-10 और दशमोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थी शामिल हैं। फिर योगी ने कहा कि भाजपा सरकार से पहले बेसिक शिक्षा में ड्रापआउट दर 19 से 20 प्रतिशत थी।
और अब 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफार्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर के लिए धनराशि दी जा रही है।
साथ ही अटल आवासीय विद्यालयों में 18 हजार श्रमिक और निराश्रित बच्चे पढ़ रहे हैं। 746 विकासखंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और 2300 से अधिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं।
इसके अलावा मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि नौ वर्षों में अल्पसंख्यक समाज के 39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी मिली।
और असीम अरुण ने कहा कि तकनीकी खामियों से छूटे विद्यार्थियों को अभियान चलाकर जोड़ा गया।
फिर इस वर्ष 65.95 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 4793 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति भी दी गई।