न्यूज़लिंक हिंदी। दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सात-सात साल की सजा काट रहे सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान उस समय भड़क गए जब रविवार सुबह रामपुर जेल से शिफ्ट किया जा रहा था,आजम ने कहा की उन्हें और उनके परिवार को एनकाउंटर का डर हैं कहा कि तड़के जेल से शिफ्ट करने का क्या मतलब है। लंबे समय से उनके परिवार का उत्पीड़न हो रहा है।
दोनों को सुबह पांच बजे के करीब रामपुर जेल से जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इसके बाद आजम ने पुलिस के वाहन में बैठने से इनकार दिया। इससे कुछ देर के लिए पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए। आजम ने उम्र और बीमारी का हवाला दिया। इससे पहले भी आजम जान को लेकर खतरा बता चुके हैं।
#WATCH | "Hamara encounter bhi ho sakta hai…Kuch bhi ho sakta hai," said Samajwadi Party (SP) leader Azam Khan earlier today after he was brought out of Rampur Jail to be taken to Sitapur Jail in Uttar Pradesh. pic.twitter.com/f1irE1MTPL
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) October 22, 2023
बता दे की आजम और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को रविवार सुबह रामपुर जेल से शिफ्ट कर दिया गया है। उनकी शिफ्टिंग के आदेश प्रशासन को शनिवार को मिले थे। रविवार सुबह दोनों को जेल से जिला अस्पताल ले जाया गया।
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दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपीएलए कोर्ट ने बुधवार को सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को सात-सात साल की सजा सुनाई थी।
कोर्ट ने तीनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने उनको जेल भेजने के आदेश कर दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनको रामपुर जेल में भेजा था। शुरू से ही यह आशंका जाहिर की जा रही थी कि तीनों को दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।

