VIDEO: आखिर क्यों सोशल मीडिया पर छाया #JusticeForDrRitu, जानें क्या है मामला, दिल्ली पुलिस को क्यों खरी खोटी सुना रहे लोग

दिल्ली यूनिवर्सिटी में वीसी ऑफिस के ताले खोलने की मांग पर धरना दे रही ऋतु सिंह सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं और सोशल मीडिया पर #JusticeForDrRitu ट्रेंड के साथ लगातार लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं और उनके समर्थन में उतर आए हैं।

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न्यूज़लिंक हिंदी। दिल्ली यूनिवर्सिटी में वीसी ऑफिस के ताले खोलने की मांग पर धरना दे रही ऋतु सिंह सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं और सोशल मीडिया पर #JusticeForDrRitu ट्रेंड के साथ लगातार लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं और उनके समर्थन में उतर आए हैं। लोगों ने पुलिस पर तानाशाही करने और अवैध तरीके से उन्हें हिरासत में लेने का आरोप लगाया है।

ये है पूरा मामला
डॉ. ऋतु सिंह डीयू की दलित प्रोफेसर हैं। वह डीयू के दौलत राम कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में एडहॉक शिक्षक रह चुकी हैं। ऋतु ने करीब चार साल पहले यहां की प्रिंसिपल डॉ. सविता रॉय के खिलाफ जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए थे हालांकि यह आरोप उन्होंने तब लगाए जब उन्हें कथित तौर पर अशोभनीय आचरण की वजह से कॉलेज से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें जातिगत भेदभाव के चलते कॉलेज से बाहर कर दिया गया। करीब एक साल तक असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर पढ़ाने के बाद उन्हें हटाया गया। 2020 में उन्होंने प्रिंसिपल की बर्खास्तगी को लेकर धरना दिया था हालांकि उसका बहुत लाभ नहीं हुआ और मामला कोर्ट चला गया। बावजूद इसके वह अपनी लड़ाई लड़ती रहीं।

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प्रिंसिपल की बर्खास्तगी मांग पर शुरू किया धरना
प्रिंसिपल ने जहां ऋतु सिंह पर क्लास में भाषणबाजी और छात्रों के नाखुश होने का आरोप लगाया तो वहीं प्रोफेसर ने तर्क दिया कि प्रिंसिपल ने जिन छात्रों के नाम बताए, वे उन्होंने कभी पढ़ाए नहीं। डॉ. ऋतु सिंह का मामला एससी कमीशन में भी जा चुका है। इसके बाद भी वह पिछले साल सितंबर से धरने पर बैठी हुई थीं। बीते 9 जनवरी को ऋतु सिंह अपने कुछ साथियों के साथ धरने पर थीं तभी दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर धरने से हटा दिया। ऋतु सिंह हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या पर भी अभियान चला चुकी हैं।

सोशल मीडिया पर समर्थन में उतरे लोग
#JusticeForDrRitu और “दिल्ली पुलिस” ट्विटर पर लगातार ट्रेंड कर रहे हैं क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। बिना परमिशन के दिल्ली पुलिस ने ये कार्रवाई की है। ऋतु सिंह ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक वीडियो शेयर किया है। ट्राइबल आर्मी के संस्थापक हंसराज मीणा ने प्रोफेसर ऋतु के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है कि दिल्ली पुलिस ने दलित प्रोफेसर डॉ. ऋतु सिंह को न्याय दिलाने के बजाय उनका धरनास्थल ध्वस्त कर दिया है। साथ ही, अंबेडकर साहब की तस्वीर को नुकसान पहुंचाने का आरोप है, जो निंदनीय है।

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ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है JusticeForDrRitu
ट्राइबल आर्मी के एक्स हैंडल से भी एक अन्य वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें दिल्ली पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान ऋतु को धरना स्थल से जबरन हटाते दिख रहे हैं। वीडियो शेयर करके लिखा गया है कि डीयू की दलित प्रोफेसर ऋतु सिंह के साथ पहले विश्वविद्यालय की प्रिंसिपल सविता राय ने भेदभाव किया गया। इस अन्याय के खिलाफ वह चार माह से कैंपस के बाहर न्याय के लिए धरना दे रही थीं। अब पुलिस ने उन्हें बिना न्याय मिले ही धरना स्थल से उठाकर डिटेन कर लिया है। शर्मानाक, अन्य यूजर्स भी इस हैशटैग के साथ ट्वीट कर रहे हैं।

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