न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर भारत और मध्य बंगाल की खाड़ी से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अब अनुकूल हो गयी हैं। लेकिन आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने और बारिश होने की अभी सम्भावना बानी हुई है।
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सीएसए कानपूर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों में हल्के बादल छाए रहने के कारण बुधवार को मध्य तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
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75 मिमी दर्ज की ग बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य यूपी के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश बरेली के मीरगंज में 75 मिमी दर्ज की गई।
देश भर में मौसम प्रणाली
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील के मुताबिक़ अगले 24 से 48 घंटे दौरान बिहार के शेष हिस्सों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूरे पूर्वोत्तर भारत, आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना, उत्तर के कुछ और हिस्सों और मध्य बंगाल की खाड़ी से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अब अनुकूल हैं। पश्चिमी विक्षोभ जम्मू क्षेत्र और इससे सटे पाकिस्तान के हिस्सों पर है। प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर है।
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अगले 24 घंटों में आगे बढ़ेगा मानसून
दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र पर एक चक्रवाती परिसंचरण औसत स्तर से 3.1 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिणपूर्व और इससे सटे पूर्वी मध्य अरब सागर पर एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके पश्चिम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 21 अक्टूबर तक मध्य अरब सागर के ऊपर एक डिप्रेशन के रूप में तीव्र होने की संभावना है।

