आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप का फ़ाइनल मुक़ाबले को देखने कई दिग्गज क्रिकेटर भी पहुंचे थे।
और फिर वहीँ सचिन तेंदुलकर भी इस मुक़ाबले को देखने भी पहुंचे थे। जिसमे फ़ाइनल मैच में ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ बनीं शेफ़ाली वर्मा ने सचिन तेंदुलकर को खेलते हुए देखकर क्रिकेट खेलना शुरू भी किया था।
और फिर प्रेज़ेंटेशन के वक्त जब शेफ़ाली से यह सवाल किया गया कि आपने सचिन तेंदुलकर को देखकर क्रिकेट खेलना शुरू किया।
और फिर आज जब बालकनी में खड़े होकर वह आपको देख रहे थे, तो कैसा महूसस हुआ। इसके साथ ही शेफ़ाली वर्मा ने कहा, ये मेरे लिए बहुत यादगार पल हैं।
और फिर जब मैंने सचिन सर को देखा, मेरे अंदर अलग ही जोश ही आ गया। और उनसे मेरी बात होती रहती है। फिर वह हमेशा मुझे आत्मविश्वास से भर देते हैं।
और वह लीजेंड हैं, क्रिकेट के मास्टर भी हैं। और फिर उनसे बात करने पर बहुत प्रेरणा भी मिलती है। और उन्हें देखकर मुझे बहुत ज़्यादा प्रेरणा भी मिली।
इसके साथ ही शेफ़ाली ने फ़ाइनल मुक़ाबले में 87 रन की बेहतरीन पारी खेली और दो विकेट भी चटकाए।
और इतना ही नहीं वर्ल्ड कप की शुरुआत में शेफ़ाली वर्मा भारतीय टीम का हिस्सा भी नहीं थीं।
साथ ही ओपनर बैटर प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद जब शेफ़ाली टीम में शामिल भी हुईं।
इसके अलावा शेफ़ाली ने कहा, मैंने शुरुआत में ही कहा था कि भगवान ने मुझे यहां कुछ अच्छा करने के लिए ही भेजा है और आज वह बात सच भी साबित हुई।
फिर बहुत ख़ुशी है कि आख़िरकार हमने वर्ल्ड कप जीत भी लिया। वह बहुत ज़्यादा ख़ुशी है, मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर पाऊंगी।
फिर उनसे पूछा गया कि घरेलू क्रिकेट से सीधा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुक़ाबले में ख़ुद को शिफ़्ट करने पर क्या मुश्किलें भी आईं।
और फिर इस पर शेफ़ाली ने ये भी कहा, मुश्किल तो था, लेकिन मुझे ख़ुद पर भरोसा था कि मैं अपने आप को शांत रखूंगी तो कुछ भी कर सकती हूं।
फिर मेरे पैरेंट्स, दोस्त, भाई इन सबका बहुत सपोर्ट भी था। और आज बस यही दिमाग़ में था कि कैसे भी रन बनाने हैं। और बस टीम जीतनी ही चाहिए।